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सिपाही भर्ती परीक्षा: इनकी मिलीभगत से आउट हुआ था पेपर, हरियाणा के रिजॉर्ट में 2 दिन पहले ही अभ्यर्थियों के बीच बंट चुके थे प्रश्नपत्र

सिपाही भर्ती परीक्षा: इनकी मिलीभगत से आउट हुआ था पेपर, हरियाणा के रिजॉर्ट में 2 दिन पहले ही अभ्यर्थियों के बीच बंट चुके थे प्रश्नपत्रलखनऊ। यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने के मामले में एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने एक आरोपी को हरियाणा के जींद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने खुलासा किया कि पेपर लीक कराने में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल, आईटी कंपनी के एक कर्मी और एमबीबीएस पास कर चुके युवक की भूमिका है। यह भी बताया कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर 16 फरवरी को ही लीक करा लिया गया था और मानेसर के एक रिसोर्ट में करीब एक हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को इसे पढ़ाया गया था। इसी के बाद इन अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए भेज दिया गया था।

एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2024 में पेपर लीक कराने वाले गैंग के छह सदस्यों की गिरफ्तारी 5 मार्च 2024 को की थी। इन आरोपियों के खिलाफ मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पूछताछ में हरियाणा के जींद निवासी एक आरोपी महेंद्र का कनेक्शन सामने आया था, जिसके मोबाइल से आरोपियों को पेपर भेजा गया था। इसके बाद मंगलवार शाम एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने आरोपी महेंद्र शर्मा निवासी बराह खुर्द कोतवाली जींद हरियाणा की गिरफ्तारी कर ली। आरोपी पिल्लूखेड़ा जींद हरियाणा में भारतीय स्टेट बैंक की बेसमेंट में बनी दुकान में छिपकर रह रहा था। आरोपी को यहां कंकरखेड़ा के मुकदमे में आरोपी बनाते हुए पुलिस के हवाले किया गया है।

पेपर आउट कराने में रवि, अभिषेक की मुख्य भूमिका

महेंद्र ने पूछताछ में बताया कि वह अमनदीप निवासी धाथरथ उर्फ ढाठरथ पिल्लूखेडा जींद हरियाणा की अनफोयल इन्वेंशन नाम की दुकान पर काम करता था। उनके गांव का रहने वाला विक्रम दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल है। 16 फरवरी को महेंद्र और विक्रम दोनों ही मानेसर गुरुग्राम स्थित एक रिसोर्ट पर पहुंचे थे, जहां यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का 18 फरवरी को द्वितीय पाली का पेपर एक हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को पढ़ाया गया। पेपर 16 फरवरी को मोनू शर्मा निवासी ढाकला, झज्जर, विक्रम दहिया निवासी सोनीपत लेकर आए थे। पेपर आउट कराने में रवि और अभिषेक की मुख्य भूमिका बताई। रवि मुंबई में एक आईटी कंपनी में काम करता है, जबकि रवि एमबीबीएस कर चुका और पेपर लीक कराने वाला गैंग चलाता है। पुलिस ने सभी पांच आरोपी वांटेड घोषित किए हैं।

यह किया गया बरामद

आरोपी से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिससे अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ाने के समय का एक वीडियो मिला है और कुछ फोटो भी हैं। इसके अलावा 18 फरवरी को हुई परीक्षा का पेपर भी मोबाइल में मिला है और इसकी उत्तर कुंजी भी मिली है। एसपी एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने के मामले में एक आरोपी को हरियाणा के जींद से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की निशानदेही पर कई लोगों के नाम का खुलासा हुआ है, जिन्होंने भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराया था। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इसकी हुई गिरफ्तारी
1. महेंद्र शर्मा निवासी बराह खुर्द, कोतवाली जींद, हरियाणा

ये आरोपी फरार
1. रवि कुमार (एमबीबीएस पासआउट, पेपर लीक कराने वाले गैंग का सरगना)
2. अभिषेक शुक्ला (पेपर लीक कराने वाला आईटी कंपनी का कर्मी)
3. मोनू शर्मा (पेपर उपलब्ध कराने वाला)
4. विक्रम दहिया (पेपर उपलब्ध कराने वाला)
5. विक्रम पहल (दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल)

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