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माफिया मुख्तार अंसारी के समर्थन में कॉन्स्टेबल फैयाज ने लगाया स्टेटस, लिखा- अलविदा शेर-ए-पूर्वांचल… UP पुलिस ने सस्पेंड करने के लिए EC को भेजी रिपोर्ट

मुख्तार अंसारीलखनऊ में यूपी पुलिस के एक सिपाही ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को आखिरी विदाई देने के लिए दो पोस्ट स्टेटस पर लगाए। इन पोस्ट में उसने गैंगस्टर की तो तारीफ की हुई थी और दूसरी तरफ उसने उन लोगों का मखौल उड़ाया हुआ था जिन्हें कभी मुख्तार द्वारा प्रताड़ित किया जाता था।

सिपाही का नाम फयाज खान है। उसने मुख्तार अंसारी को अपने स्टेटस में शेर-ए-पूर्वांचल कहा था। साथ ही ये भी कहा था कि जिन लोगों के बाप-दादा मुख्तार से डरते थे वो आज योगी सरकार के दम पर उछल रहे हैं।

सामने आई जानकारी के अनुसार, फयाज खान ने मुख्तार अंसारी के लिए दो स्टेटस लगाए थे। एक स्टेटस में उसने अलविदा कहते हुए लिखा था- “जिंदा रहेगा वो तो दिलों में आवाम के, ऐ दिन ना उसकी मौत पे रंजो मलाल कर। हिम्मत नहीं थी सामने आकर लड़े कोई धोखे से मारा शेर को पिंजरे में डालकर। अलविदा शेर-ए-पूर्वांचल मुख्तार अंसारी।”

दूसरे स्टेटस में उसने लिखा था- “शेर की खुराहट से जिनके आका बाप दादा की पैंट गीली हो जाती थी, वो आज बाबा की माया के नारे लगा रहे हैं।”

उसके इन दोनों स्टेटस देखने के बाद स्क्रीनशॉट लेकर उसकी शिकायत डीसीपी को दी और डीसीपी ने तुरंत एक्शन में आकर फयाज खान की बर्खास्तगी की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी। डीसीपी ने बताया कि कॉन्स्टेबल द्वारा पुलिस नियमालवी का उल्लंघन किया गया है।

उन्होंने कहा कि उन्हें बीकेटी के एसएचओ ने जो आख्या भेजी थी उससे स्पष्ट हो रहा है कि फयान खान ने उत्तर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी और 1991 नियमों का उल्लंघन किया गया है। ऐसे में कॉन्सटेबल फयाज खान के सस्पेंस की परमिशन के लिए चुनाव आयोग को पत्र भेज दिया गया।

बता दें कि फयाज खान के द्वारा अपडेट किए गए दोनों स्टेटस के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हैं। डीसीपी अभिजीत आर शंकर ने इस मामले में कार्रवाई को लेकर कहा है- “हमने सबूतों के साथ रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी है। अगर वे इसे स्वीकार करते हैं तो हम कॉन्स्टेबल के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”

हार्ट अटैक से हुई मुख्तार की मौत

गौरतलब है कि माफिया मुख्तार अंसारी की पिछले 28 मार्च 2024 को मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी। हालाँकि मुख्तार के समर्थक प्रशासन पर इल्जाम लगाते रहे। उसके जनाजे में भी सैंकड़ों लोग आए थे। जानकारी के अनुसार गैंगस्टर मुख्तार के खिलाफ 61 केस दर्ज थे। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, धोखाधड़ी, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, सीएलए एक्ट से लेकर लेकर एनएसए तक शामिल थे। उसे करीब 8 मामलों में सजा हो गई थी बाकी में सुनवाई चल रही थी।

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