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‘उसको मैंने मारा था, जिसने मेरे मित्र की हत्या की थी’, बृजभूषण शरण सिंह का Exclusive Interview

BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह. (फाइल फोटो)यूपी के कैसरगंज से बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इंडिया टुडे के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में महिला पहलवानों से यौन शोषण के आरोप से लेकर बेटे को बीजेपी का टिकट और सेल्फ डिफेंस में गोली चलाए जाने की घटना के बारे में सिलसिलेवार तरीके से बातचीत की है. बृजभूषण ने अपने पुराने दावे को दोहराया और कहा, मैंने उस व्यक्ति को मार दिया था, जिसने मेरे दोस्त की हत्या की थी. बृजभूषण सिंह ने बेटे के टिकट को लेकर कहा, बीजेपी अभी भी मेरे साथ खड़ी है. अगर पार्टी ने मेरे बेटे को टिकट नहीं दिया होता तो आप कह सकते थे कि पार्टी मेरे साथ नहीं खड़ी है.

बता दें कि महिला पहलवानों द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की कैसरगंज सीट से बृजभूषण के बेटे करण भूषण को मैदान में उतारा है. बृजभूषण ने कहा, इसे किसी भी तरह से देखा जा सकता है. कुछ लोग सोच सकते हैं कि मुझे लोकसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया, जबकि कुछ लोग कह सकते हैं कि मुझे टिकट दिया गया है. अपने बेटे को उत्तराधिकारी के रूप में देखना एक पिता के लिए बहुत संतोषजनक है. बृजभूषण छह बार के सांसद हैं.

‘तो खुद फांसी पर लटक जाऊंगा’

महिला पहलवानों से यौन शोषण मामले को लेकर बृजभूषण ने कहा, हम इस केस में निर्दोष निकलेंगे. सारे आरोप गलत हैं. कुछ नहीं हुआ है. सिर्फ झूठ ही झूठ है. सच्चाई सामने आएगी. अगर एक भी प्रकरण साबित हो जाएगा कि हां मैंने किसी के साथ कोई शरारत की है तो स्वत: फांसी पर लटक जाऊंगा. जो मेरा पूर्व का बयान है, उसी पर कायम हूं.

‘उसको मैंने मारा था, जिसने मेरे दोस्त की हत्या की थी’

एक बार गोली चलाए जाने के सवाल पर बृजभूषण ने कहा, उस समय क्रॉस फायरिंग हुई थी. हमारे मित्र की हत्या कर दी गई थी और उसको मैंने मारा था, जिसने मेरे मित्र की हत्या की थी. बृजभूषण का कहना था कि दोनों तरफ से फायरिंग हो रही थी. मैंने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई थी. मौके पर 40 मिनट तक गोली चली थी. उस समय मैं सांसद नहीं था. बृजभूषण ने कहा, मैं किसी घटना से इनकार नहीं कर रहा और ना ही यह कह रहा हूं कि मैं दुनिया का साफ-सुथरा आदमी हूं. हमारे मित्र को कोई मारेगा और हम बैठे हैं तो क्या हम यह कहेंगे कि इनको मार दिया. अब इनको भी मार दो.

बृजभूषण ने घटना के बारे में भी खुलासा किया. उन्होंने कहा, दो लोगों के बीच का झगड़ा था और मैं समझौता करवाने के लिए गया था. यही मेरा दुर्भाग्य है. दोनों ही पक्षों ने मुझे मौके पर बुलाया था. मैं समझौता करवाने गया था.

‘दूसरों के मुकदमे मेरे ऊपर लगा दिए’

आपराधिक केस होने के सवाल पर बृजभूषण का कहना था कि यहां एक बृजभूषण तिवारी और पूर्व सांसद मित्रसेन यादव थे. उनका झगड़ा था. उनके सारे मुकदमे ट्रांसफर कर मुझ पर लगा दिए गए. मेरे मुकदमे इतने ज्यादा नहीं हैं. हाईकोर्ट तक से मुकदमे हटाने के आदेश आए. लेकिन कोई हटाने के लिए तैयार नहीं है. दूसरों के मुकदमे मेरे ऊपर लगाए गए.

‘हम सबको साथ लेकर चलते हैं’

योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के सवाल पर बृजभूषण ने कहा, उनका भाग्य था, इसलिए सीएम बन गए. ठाकुर पॉलिटिक्स के सवाल पर बृजभूषण ने कहा, ना मैं ठाकुर नेता हूं और ना वो ठाकुर नेता हैं. वो संत हैं. हिंदुत्व नेता के सवाल पर कहा, हम सबको साथ लेकर चलते हैं. भले विचारधारा अलग हो. हिंदु, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबको साथ लेकर चलते हैं. हम वोट की नजर से नहीं देखते हैं. आज भी सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मिलकर गए हैं.

बाहुबली नेता की छवि बनने और 1995 में टाडा के आरोप, दाऊद से कनेक्शन के आरोप पर बृजभूषण ने कहा, उस केस में 13 लोग मुल्जिम बनाए गए थे. 12 को सजा हुई थी. अकेले मैं बरी हुआ था. तो क्या मैंने न्यायपालिका को प्रभावित कर लिया था?

‘सिर्फ मोदीजी हमारे नेता हैं’

पिछले एक साल में पीएम मोदी से बात करने के सवाल पर बृजभूषण ने कहा, मैंने बात नहीं की. ना बात करने की कोशिश की. ना उन्होंने मुझे फोन किया. पीएम मोदी हमारे नेता हैं. सीएम योगी को नेता मानने के सवाल पर कहा, सिर्फ मोदी जी हमारे नेता हैं. बाकी जो सोचना है, सोच लीजिए. विवाद में मत फंसाइए.

क्या थी गोलीकांड की वो घटना?

बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार लल्लनटॉप से बातचीत में एक व्यक्ति की हत्या करने की घटना का खुलासा किया था. इसके बारे में बताते हुए बृजभूषण ने कहा, एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी. जहां रविंदर को गोली लग गई थी. मैं और रविंदर एक पंचायत कराने गए थे. हम दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर खड़े थे. तभी वहां रंजीत सिंह नाम के एक शख्स ने हवा में फायर कर दिया, जिसके बाद मुझे एहसास हुआ कि एक गोली रविंदर को आकर लगी है. लोग कुछ भी कहें, मेरे हाथ से जीवन में एक हत्या हुई है. जिस व्यक्ति ने रविंदर को गोली मारी थी, मैंने हाथ छुड़ाकर राइफल से उसकी पीठ पर गोली मारी थी और वो मर गया. बृजभूषण ने इंटरव्यू में आगे कहा था, विनोद कुमार पंडित के सगे भाई थे, जिनका नाम रविंदर सिंह था. रविंदर सिंह, अवधेश प्रताप सिंह और मैं तीनों काफी अच्छे दोस्त थे. रविंदर मेरी भावनाओं को बहुत अच्छे से समझते थे. बाद में मैंने ठेकेदारी का काम करने की शुरुआत की थी. ऊपर का सारा काम मैं खुद देखता था. वहीं रविंदर नीचे की व्यवस्था चलाते थे. हम दोनों बराबर के पार्टनर थे.

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