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NRC पर राज्यसभा में आज फिर जोरदार हंगामा, अमित शाह के भाषण से ‘भड़का’ विपक्ष

नई दिल्ली। असम में नागरिक रजिस्टर बन गया और 40 लाख लोग भारतीय नागरिक नहीं रह गए. इस मुद्दे पर संसद में जोरदार हंगामा हो रहा है. आज राज्यसभा में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जैसे ही एनआरसी पर अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया. सभापति के समझाने के बाद भी जब विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए तब राज्यसभा को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. बता दें कल भी जब अमित शाह राज्यसभा में अपनी बात रख रहे थे तब जोरदार हंगामा हुआ जिसके बाद सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा.

गृहमंत्री राज्यसभा में रखेंगे सरकार का पक्ष
असम के एनआरसी मसौदे पर आज लोगो की भ्रांतिया दूर करने को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे. मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में उठाए गए सवालों का जवाब देंगे नामचीन लोगों के नाम कटने पर भी सफाई देंगे. दस्तावेज दिखाए जाने के बाद 40 लाख की संख्या कम हो सकती है. गृहमंत्री स्पष्ट करेंगे कि रजिस्टर का काम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रहा है.

कल अमित शाह ने क्या कहा था?
एनसीआर विवाद पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ”14 अगस्त 1985 को राजीव गांधी ने असम समझौते पर द्सतखत किए और 15 अगस्त 1985 को लाल किले से उन्होंने इसकी घोषणा की. इस असम समझौते की आत्मा ही एनआरसी थी. समझौते में कहा गया कि अवैध घुसपैठियों को पहचान कर हमारे सिटीजन रजिस्टर से अलग करके एक शुद्ध नेशनल सिटीजन रजिस्टर बनाया जाएगा. ये कदम आपके ही प्रधानमंत्री का उठाया हुआ है. इस पर अमल करने की हिम्मत आपमें नहीं थी लेकिम हममें हिम्मत है इसलए हम अमल करने के लिए निकले हैं.” उन्होंने कहा कि एनआरसी सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर से बन रहा है. सभी लोग 40लाख-40 लाख चिल्ला रहे हैं लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि इसमें कितने बांग्लेदेशी घुसपैठिए हैं? किसे बचा रहे हैं आप?

खुफिया एजेंसियों का अलर्ट: असम में हिंसा संभव
एनआरसी को छिड़े विवाद के बीच असम में कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है. खुफिया एजेंसियो ने केंद्र सरकार को सतर्क किया है कि देश विरोधी लोग इस स्थिति का फायदा उठा सकते हैं. असम के दूर दराज के इलाकों में सुरक्षा बलों को सतर्क किया गया.

वोटर लिस्ट से हटाने में जल्दबाजी ना करें: EC
एनआरसी मामले पर केंद्रीय चुनाव आयोग भी सक्रिय हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए राज्य चुनाव आयोग को निर्देश जारी किए हैं. चुनाव आयोग ने राज्य चुनाव आयोग से कहा है कि वोटर लिस्ट से लोगों को बाहर करने में जल्दबाजी न दिखाएं.

ड्राफ्ट के हिसाब से कार्रवाई नहीं होगी: सुप्रीम कोर्ट
सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि NRC की ड्राफ्ट लिस्ट के आधार पर किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती. सुप्रीम कोर्ट ने कल कोई निर्देश नहीं दिया लेकिन कहा अभी आप पूरी तफसील के साथ क्लेम और रिजेक्शन को लेकर मानक कार्य प्रक्रिया तैयार करें. हम उसे अपनी मंज़ूरी देंगे. हम फिलहाल चुप रहेंगे. लेकिन इस चुप्पी का मतलब ये नहीं है कि हम आपकी स्कीम से सहमत हैं या असहमत.’ सुप्रीम कोर्ट के सामने स्टेट कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने बताया कि लोगों को बताया जाएगा कि उनका नाम क्यों नहीं आया, साथ ही नागरिकता का दावा करने के लिए फॉर्म भी 7 अगस्त से मुहैया कराया जाएगा. ये भी बताया गया कि अभी NRC की फाइनल लिस्ट नहीं आई है.

क्या कहता है एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट?
असम में सोमवार को नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन की दूसरी ड्राफ्ट लिस्ट का प्रकाशन कर दिया गया. जिसके मुताबिक कुल तीन करोड़ 29 लाख आवेदन में से दो करोड़ नवासी लाख लोगों को नागरिकता के योग्य पाया गया है, वहीं करीब चालीस लाख लोगों के नाम इससे बाहर रखे गए हैं. NRC का पहला मसौदा 1 जनवरी को जारी किया गया था, जिसमें 1.9 करोड़ लोगों के नाम थे. दूसरे ड्राफ्ट में पहली लिस्ट से भी काफी नाम हटाए गए हैं.

नए ड्राफ्ट में असम में बसे सभी भारतीय नागरिकों के नाम पते और फोटो हैं. इस ड्राफ्ट से असम में अवैध रूप से रह रहे लोगों को बारे में जानकारी मिल सकेगी. असम के असली नागरिकों की पहचान के लिए 24 मार्च 1971 की समय सीमा मानी गई है यानी इससे पहले से रहने वाले लोगों को भारतीय नागरिक माना गया है.

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