Sunday , July 14 2024

सोनिया-राहुल से मिलीं ममता बनर्जी, बोलीं- ‘PM पद नहीं, मोदी को हटाना मेरा मकसद’

नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों की एकजुटता में बनी सबसे बड़ी बाधा प्रधानमंत्री उम्मीदवारी को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उनका मकसद मोदी को हराना है. उन्होंने आज संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) चेयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. मुलाकात से ठीक पहले ममता ने प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनने के बारे में की जा रही चर्चा को खारिज करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता केंद्र से बीजेपी सरकार को हटाना है और इसके लिए विपक्ष को एक साथ आना चाहिए.

उन्होंने प्रधानमंत्री पद को लेकर कहा, “मैं कोई नहीं हूं. मैं बहुत सामान्य कार्यकर्ता हूं. मुझे एक आम आदमी रहने दीजिए. मैं चाहती हूं कि इस सरकार, भाजपा सरकार को अवश्य ही जाना चाहिए. वे लोग के साथ अधिकतम राजनीतिक प्रतिशोध और अत्याचार कर रहे हैं. इसलिए हम चाहते हैं कि सभी को संगठित होना चाहिए. चलिए, साथ मिलकर काम करते हैं. प्रधानमंत्री उम्मीदवार के बारे में मत सोचिए. देश के बारे में सोचिए.”

वहीं मुलाकात के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष ममता ने कहा, ”हमने मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति पर चर्चा की और आगामी चुनावों में सभी के साथ लड़ने को लेकर बात हुई. हमने असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर भी बात की.”

ANI

@ANI

We discussed current politics and the possibility of all of us contesting elections together in future. We also discussed the issue: West Bengal CM Mamata Banerjee after meeting Sonia Gandhi and Rahul Gandhi

दरअसल, ममता बनर्जी ‘फेडरल फ्रंट’ के फॉर्मूले पर काम कर रही हैं. यानि सभी विपक्षी पार्टी एकजुट होकर (जिसमें कांग्रेस शामिल हो) 2019 लोकसभा चुनाव में लड़े. वहीं कांग्रेस की कोशिश है कि उसके नेतृत्व में सभी पार्टियां लड़े. विपक्षी दलों की एकजुटता में सबसे बड़ी बाधा प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी है.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व के साथ ममता बनर्जी और मायावती के नाम पर भी चर्चा कर चुकी है. हालांकि ममता ने पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के दौरान कहा था कि विपक्ष 2019 लोकसभा का चुनाव में प्रधानमंत्री उम्मीदवार की घोषणा न करे. प्रधानमंत्री पद को लेकर मायावती की बीएसपी, अखिलेश की समाजवादी पार्टी जैसे बड़े दलों ने पत्ते नहीं खोले हैं.

ममता राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर बीजेपी पर लगातार हमलावर है. बनर्जी ने कहा कि 40 लाख लोग जिनके नाम सूची में नहीं हैं, वे इस देश के परिवार के सदस्य हैं. उन्होंने कहा, “वे लोग कई राज्यों से संबंध रखते हैं. वे लोग हमारे परिवार के सदस्य है. उन्हें लोगों को यहां से जाने के लिए नहीं कहना चाहिए.” अमित शाह द्वारा घुसपैठ का मुद्दा उठाने और उनके (ममता) खून-खराबे वाले बयान के बारे में पूछे जाने पर ममता ने कहा, “मैं यह कह रही हूं कि बीजेपी जो कर रही है, उससे बहुत खून-खराबा होगा. वे लोग आग से खेल रहे हैं.”

राजनीतिक दिग्गजों से ममता की मुलाकात
ममता बनर्जी ने कल और आज नई दिल्ली में कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. पश्चिम बंगाल की सीएम ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा, शिवसेना सांसद संजय राउत, समाजवादी पार्टी की नेता और अभिनेत्री जया बच्चन, कांग्रेस नेता अहमद पटेल और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की. इन मुलाकातों पर उन्होंने कहा कि मैं सात बार संसद की सदस्य रही हूं. मैंने सभी से अच्छे संबंध बनाकर रखे हैं. यह एक शिष्टाचार भेंट थी.

साहसी पत्रकारिता को सपोर्ट करें,
आई वॉच इंडिया के संचालन में सहयोग करें। देश के बड़े मीडिया नेटवर्क को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर इन्हें ख़ूब फ़ंडिग मिलती है। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें।

About admin