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जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे के साथ छेड़छाड़ के होंगे गंभीर दुष्परिणाम : महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को आगाह किया कि अगर राज्य के विशेष दर्जे के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ हुई तो समूचे देश को इसके ‘गंभीर दुष्परिणाम’ भुगतने पड़ सकते हैं.  संविधान के अनुच्छेद 35ए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में छह अगस्त को होने वाली है, जिससे पहले महबूबा ने यह चेतावनी दी है. संविधान का अनुच्छेद 35ए राज्य के निवासियों को विशेष अधिकार एवं सुविधा प्रदान करता है.

महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘राज्य में आज लोग राजनीतिक मतभेद भुलाकर अनुच्छेद 35ए को कमजोर करने के खिलाफ एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं. जैसा कि मैं पहले भी कह चुकी हूं कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे से किसी तरह की छेड़छाड़ समूचे देश के लिये भयंकर दुष्परिणाम लाने वाली होगी.’

कश्मीर में तीसरे दिन भी प्रदर्शन
जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासियों को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 35ए को कानूनी चुनौती देने वाली याचिका के खिलाफ घाटी में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर में उदारवादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुक की अगुवाई में नौहट्टा में जामा मस्जिद से गोजवारा तक मार्च निकाला गया.

अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में आज कई जगहों पर प्रदर्शन हुए. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे. उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख मोहम्मद यासिन मलिक की अगुवाई में यहां बूंद के पास जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन मार्च हुए. अधिकारी ने बताया कि खानयार में ‘दस्तगीर साहिब’ दरगाह, शहर के पंथा चौक में मेहजूर पार्क के पास, परीमपोरा के लाल बाजार और मैसुमा इलाकों में प्रदर्शन मार्च हुए. मध्य कश्मीर के गंदेरबल जिले के कंगन एवं सोनमर्ग इलाकों के साथ उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा में भी प्रदर्शन हुए.

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