Sunday , July 14 2024

पैसे लेकर एनकाउंटर के स्टिंग से हड़कंप, DGP ने किया तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड

नई दिल्ली/लखनऊ। योगी राज में पैसे लेकर एनकाउंटर करने के स्टिंग ऑपरेशन से यूपी पुलिस में हड़कंप मच गया है. डीजीपी ने पैसे लेकर फर्जी एनकाउंटर करने वाले स्टिंग के सामने आते ही आरोपी तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है.

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने तीन आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के साथ ही मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. आगरा के एसएसपी अमित पाठक ने तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किए जाने की पुष्टि की है. विभागीय जांच एडिशनल एसपी को दे दी है.

UP POLICE

@Uppolice

.@dgpup has taken a serious view of such irresponsible statements of the Policemen which tarnishes the image of UPPolice. On the directions of DGP UP the concerned Policeman have been suspended @rahulkanwal

Rahul Kanwal

@rahulkanwal

Breaking at 6 pm on @IndiaToday a powerful expose on trigger happy cops of Uttar Pradesh. #OperationFakeEncounter UP Cops willing to kill innocents for big money. Do watch.

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इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम की जांच में फर्जी मुठभेड़ का खुलासा होने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से इस बाबत जानकारी दी है. ट्वीट में लिखा गया है कि पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान को गंभीरता से लिया है जिससे यूपी पुलिस की छवि धूमिल हुई है. पुलिस महानिदेशक ने आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने का आदेश दिया है.

प्रमोशन, पैसा और पब्लिसिटी…ये तीनों हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश के सारे नहीं, तो कुछ पुलिस अधिकारी शार्ट कट के तौर पर फर्जी मुठभेड़ों का रास्ता अपनाने के लिए भी तैयार लगते हैं. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच के दौरान पाया कि योगी सरकार के कार्यकाल के दौरान मुठभेड़ों में मरने वालों का आंकड़ा 60 से ऊपर पहुंच गया है.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से की गई करीब 1500 मुठभेड़ों में 400 के आसपास लोग घायल हुए हैं. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम की जांच से सामने आया कि यूपी पुलिस के कुछ सदस्य झूठे मामलों में निर्दोष नागरिकों को फंसा रहे हैं और फिर उन्हें फर्जी मुठभेड़ों में शूट कर रहे हैं. ये सब तरक्की और दूसरों से पैसा लेकर किसी को ठिकाने लगाने के इरादे से किया जा रहा है.

यूपी में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से सिर्फ आगरा ज़ोन में 241 मुठभेड़ हुई हैं. स्थानीय चित्राहाट पुलिस स्टेशन के एक सब इंस्पेक्टर ने एक निर्दोष नागरिक को मारने के लिए आठ लाख रुपये कीमत लगाई. इंडिया टुडे के अंडर कवर रिपोर्टर्स ने जांच के तहत खुद को कारोबारी बताते हुए अपने एक काल्पनिक प्रतिस्पर्धी को फर्जी मामले में फंसाने के लिए सब इंस्पेक्टर से संपर्क किया. इसी दौरान फर्जी मुठभेड़ का मामला सामने आया.

साभार: aajtak.in

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