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अबकी बार दाऊद ‘खल्लास’, डॉन को ढूंढने में अमेरिका करेगा भारत की मदद

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच गुरुवार को पहली बार हुई ‘2+2 डायलॉग’ के साथ ही दोनों देशों के बीच दोस्ती की नई इबारत लिखी जा रही है. दुनिया के दो शक्तिशाली देश अब आतंकवाद के खिलाफ साथ मिलकर लड़ेंगे. इसके अलावा भारत को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. पहली बार अमेरिका ने हिंदुस्तान के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक दाऊद इब्राहिम के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कबूली है.

अमेरिका ने गुरुवार को हुई बैठक में पाकिस्तान से चल रहे आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारत का साथ देने की हामी भरी. इस दौरान पाकिस्तान से संचालित कई आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की बात हुई. इन संगठनों की लिस्ट में दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी का भी नाम है. साथ ही अमेरिका ने कहा है कि वह दाऊद को ढूंढने में भारत की पूरी तरह से मदद करेगा.

ये फैसला इसलिए भी काफी अहम हो जाता है, क्योंकि दाऊद की कुछ संपत्तियां अमेरिका में भी हैं. अब अगर अमेरिका इनपर भी कार्रवाई करता है, तो ऐसे में ये चोट सीधे दाऊद को लगेगी.

भारत और अमेरिका ने गुरुवार को पाकिस्तान को ताकीद करते हुए कहा कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल सीमापार आतंकी हमलों के लिए नहीं होने दे. साथ ही, पाकिस्तान से पूर्व में आतंकी हमलों के लिए दोषी अपराधियों के खिलाफ जल्द कानून कार्रवाई करने की मांग की गई.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षामंत्री जिम मैटिस ने यहां टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा, “मंत्रियों ने क्षेत्र में किसी प्रकार के छद्म आतंकी हमले की भर्त्सना की और इस संदर्भ में उन्होंने पाकिस्तान से यह सुनिश्चत करने को कहा कि उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों पर आतंकी हमले करने के लिए न हो.”

मंत्रियों ने 2017 में आतंकियों के नाम पर द्विपक्षीय वार्ता शुरू करने का स्वागत किया, जोकि अलकायदा, आईएसआईएस, लश्करे तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन, हक्कानी नेटवर्क, तहरीक-आई-तालिबान पाकिस्तान, डी-कंपनी और अन्य संबंधित संगठनों समेत आतंकी गुटों के खिलाफ कार्रवाई करने में सहयोग को मजबूती मिलती है.

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