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Exit Poll: बेगूसराय में कन्हैया कुमार पर भारी गिरिराज सिंह

बेगूसराय। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सभी चरणों का मतदान हो चुका है। बिहार में इस बार समीकरण पिछली बार से काफी बदले हुए हैं। सूबे में इस बार भाजपा, जदयू और एलजेपी एकसाथ हैं तो वहीं दूसरी तरफ राजद, कांग्रेस, रालोसपा, वीआईपी और हम ने महागठबंधन बनाया हुआ है। सूबे में कई सीटों पर लोगों की नजरें टिकी हुईं हैं, उन्हीं में से एक सीट है बेगूसराय। बेगूसराय में इसबार त्रिकोणीय मुकाबला है। यहां भाजपा के गिरिराज सिंह, सीपीआई के कन्हैया कुमार और राजद के तनवीर हसन चुनाव मैदान में हैं।

मतदान खत्म होते ही India TV-CNX का Exit Poll जारी किया गया है। इंडिया टीवी एग्जिट पोल के मुताबिक बेगूसराय में गिरिराज सिंह कन्हैया कुमार और तनवीर हसन पर भारी पड़ते दिखाई दे रहे हैं। एग्जिट पोल के अनुसरा गिरिराज सिंह बेगूसराय पर भाजपा का विजय पताका फहरा सकते हैं। India TV-CNX के Exit Poll के अनुसार बिहार में एनडीए को भारी बढ़त मिलती दिख रही है। बिहार में एनडीए को 32 लोकसभा सीटें मिल सकती हैं, जिनमें भाजपा को 15 लोकसभा सीटें, जेडी (यू) को 13 और एलजेपी को 4 लोकसभा सीटें शामिल हैं। बात अगर महाठबंधन की करें तो बिहार में आरजेडी को 5, कांग्रेस को 2 और आरएलएसपी-1 को सीट मिलने का अनुमान है।

कन्हैया कुमार के चुनावी रण में उतरने से रोमांचक हो गया मुकाबला

जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के यहां से चुनाव मैदान में उतरने से यहां का मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। बेगूसराय लोकसभा सीट पर साढ़े तीन लाख से ज्यादा भूमिहार मतदाता है। इस समुदाय से गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार दोनों ही संबध रखते हैं। इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी 2.5 लाख से ज्यादा है। तनवीर हसन को भरोसा है कि मुस्लिम मतदाताओं ने उनका ही साथ दिया है। यादव सहित अन्य सभी समुदायों के लोग इस सीट पर पिछले सभी लोकसभा चुनावों में डिसाइडिंग फैक्टर साबित होते रहे हैं।

2014 में जीती थी भाजपा, 2009 और 2004 में जेडीयू के हाथ लगी बाजी

बात अगर 2014 लोकसभा चुनाव की करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी के भोला सिंह ने 4 लाख 28 हजार 227 मतों के साथ जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी रहे राजद के तनवीर हसन को 3 लाख 69 हजार 892 वोट मिले थे। साल 2004 और 2009 में इस सीट पर जेडीयू के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। इन दोनों ही चुनावों में जेडीयू एनडीए का हिस्सा थी।

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