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सत्ता की दूसरी पारी संभालते ही जल्द निकलेगा पीएम मोदी के विदेश दौरों का सूटकेस

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 का मोर्चा फतह करने और सत्ता की दूसरी पारी शुरू कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब जल्द ही विदेश दौरों का सिलसिला भी शुरू करेंगे. पीएम के तौर पर विदेश यात्राओं के लिए उनका कैलेंडर पहले से तैयार है और उसकी शुरुआत उनके शपथग्रहण से एक महीने के भीतर ही हो जाएगी.

प्रधानमंत्री के आगे पूर्व निर्धारित यात्रा कार्यक्रम में सबसे पहले और महत्वपूर्ण शंघाई सहयोग संघठन की किर्गीस्तान में होने वाली शिखर बैठक है. यह बैठक 14-15 जून को बिश्केक में होगी. एससीओ शिखर सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बैठक में लंबे अर्से बाद भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एक मंच पर होंगे. दोनों के शिरकत करने पर यह पहला मौका होगा जब प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी और इमरान खान रूबरू होंगे. हालांकि, फिलहाल दोनों नेताओं की किसी अलग द्विपक्षीय मुलाकात की संभावनाओं पर कुछ नहीं कहा जा रहा. एससीओ सम्मेलन में जाने पर पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत अनेक नेताओं से मिलेंगे.

एससीओ शिखर सम्मेलन के महज़ दो सप्ताह बाद ही पीएम मोदी के लिए जापान के ओसका में होने वाली जी20 शिखर बैठक के लिए यात्रा का कार्यक्रम भी तैयार होगा. जून 28-29 को जी20 के मंच पर जहां पीएम मोदी की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मेज़बान जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे समेत अनेक वैश्विक नेताओं से होगी.

महत्वपूर्ण है कि 2014 में पीएम मोदी ने अपनी विदेश यात्राओं का सिलसिला पड़ोसी मुल्क भूटान के दौरे से शुरू किया था. सूत्रों के मुताबिक इस बार भी ‘पड़ोसी पहले’ का संदेश देते हुए पीए. मोदी अपनी शुरुआती विदेश यात्राओं में पड़ोसी मुल्कों को अहमीयत दे सकते हैं. सूत्र बताते हैं कि भूटान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देश द्विपक्षीय यात्रा की फेहरिस्त में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक जुलाई तक पीएम मोदी कम से कम एक पड़ोसी मुल्क की द्विपक्षीय यात्रा भी करेंगे. श्रीलंका में इस साल के अंत तक चुनाव होने हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि पीएम नई सरकार की आमद के बाद श्रीलंका जाने को तरजीह दें जहां बिम्सटेक शिखर बैठक भी होनी है.

इस बीच जुलाई-अगस्त में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति के बीच अनौपचारिक बैठक भी होनी है. चीन के वुहान में हुई इस पहली बैठक के बाद दूसरी बैठक अबकी बार भारत में होनी है. चीन के राष्ट्रपति की मेजबानी पीएम कहां करेंगे यह फिलहाल तय होना बाकी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी जीत के लिए भेजे बधाई संदेश में फ्रेंच राष्ट्रपति एमैन्यूल मैक्रों ने फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भी उन्हें बतौर खास मेहमान आने का न्यौता भी दिया है. इसलिए इस बात की प्रबल संभावना है कि फ्रांस के ब्यारिट्ज़ में होने वाली इस बैठक में भी पीएम बतौर विशेष अतिथि नेता के तौर पर शामिल हों. इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तो चुनाव के पहले ही पीएम मोदी को वलादिवोस्टक में होने वाली ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भी भेज चुके थे और मुलाकात का भरोसा भी जता चुके थे. सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भी पीएम शरीक हो सकते हैं. हालांकि अभी इस बारे में निर्णय लिया जाना है.

प्रधानमंत्री के लिए बहुपक्षीय मंचों पर शिरकत की फेहरिस्त में बैंकाक में होने वाली ईस्ट-एशिया समिट और ब्राज़ील में होने वाली ब्रिक्स बैठक शामिल है. ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलन जहां 4 नवम्बर को होना है वहीं 11वीं ब्रिक्स शिखर बैठक 11-13 नवम्बर को होनी है.

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