इक्कीसवीं सदी के 25 वे वर्ष में भारत अपने राजनितिक इतिहास के दो महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का साक्षी बननें जा रहा है, जहां एक ओर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में नई ऊर्जा के साथ अपनी विस्तार की ओर देखना चाह रहा है, वहीं दूसरे तरफ भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ...
Read More »कही-अनकही सचकही
अटलजी का सुशासन स्वराज और सुराज का प्रतीक
डॉ. सौरभ मालवीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल में शासन करने पर नहीं, अपितु सुशासन पर अधिक से अधिक बल दिया। वे स्वराज के साथ-साथ सुराज में विश्वास रखते थे। वह कहते थे कि देश को हमसे बड़ी आशाएं हैं। हम परिस्थिति की चुनौती को स्वीकार करें। ...
Read More »संसद में राहुल क्यों कर रहे दादी इंदिरा का अपमान?
सोचिए! वो इंदिरा गांधी जो 1970 , 1979- 1980 और 1983 में वीर सावरकर के महान योगदान को समाज के बीच ले जाने की बात कर रही थीं। स्मारक डाक टिकट जारी कर रही थीं। अपने निजी कोष से 11 हजार रुपए दे रही थीं। भारतीय फिल्म विभाग को वृत्तचित्र ...
Read More »एक बार कल्याण को साथ लाकर दंश झेल चुकी है सपा, कांग्रेस को संभल मुद्दे पर नहीं आने देगी आगे
उपेन्द्र नाथ राय लखनऊ। संभल मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को अल्पसंख्यक समाज की अगुवाई किसी भी दूसरे दल का मंजूर नहीं है, क्योंकि वह एक बार रामभक्त कल्याण सिंह से समझौता कर भुगत चुकी है। जब उसे प्रदेश में अचानक 12 सीटों का नुकसान झेलना पड़ा था और कांग्रेस की ...
Read More »प्रभु श्री राम के मौसेरे भाई बबेरू के नाम पर पड़ा बबेरू का नाम!
बबेरू को नूतन विकास के साथ-साथ अपने पौराणिक महत्व की दरकार बबेरू का भाग्योदय! देश की महापंचायत में बबेरू क्षेत्र के दो सांसद राहुल कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश के अतिपिछड़े क्षेत्र बुंदेलखंड के दक्षिणतम छोर पर बसा एक नगर बबेरू जो कि बांदा जिला में पड़ने वाली एक विधानसभा है। ...
Read More »‘बड़ी संख्या में OBC ने दलितों से किया भेदभाव’: जिस वकील के दिमाग की उपज है राहुल गाँधी वाला ‘छोटा संविधान’, वो SC-ST आरक्षण से समृद्ध लोगों को करना चाहते हैं बाहर
गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी थी कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति में जो सचमुच में पिछड़े एवं वंचित हैं, उन्हें ये पीड़ा हो रही है कि उनके ही समुदाय के उन्नत व समृद्ध वर्ग उन लाभों को उनसे छीन रहा है, जो वास्तव में उन तक पहुँचने चाहिए थे। गोपाल ...
Read More »भारत में गरीबों और अमीरों के बीच की खाई इतिहास के सर्वोच्च स्तर पर
स्थिति में बदलाव के लिए लेने होंगे कडवे फैसले: जाने- माने अर्थशास्त्रियों की राय डा. गिरीश लोकसभा चुनावों के कोलाहल और सत्ता के शीर्ष पर बैठे महानुभावों के मुद्दाविहीन प्रलाप की आँधी में विश्व के जाने माने अर्थशास्त्रियों की वह रिपोर्ट पूरी तरह गुम हो कर रह गयी है, जो भारत के 25 ...
Read More »सियासत में सेक्स, संसद में बोसा !
के. विक्रम राव X ID (Twitter ) : @kvikramrao1 अमूमन हर चुनाव की ऐन बेला पर किसी न किसी राजनेता का यौन प्रकरण उछलता ही रहता है। इस बार तृणमूल सांसद लावण्यवती महुआ मोइत्रा की संसदीय घटना खूब प्रचारित हुई। मगर वह आर्थिक अपराध वाली थी। हालांकि उनकी पार्टी के ...
Read More »पीएम साहब! जो युवा आपको जिता रहा, जरा उसके बारे में भी सोचिए
राजेश श्रीवास्तव मलाल है मगर इतना मलाल थोड़ी है, ये आंख रोने की शिद्दत से लाल थोड़ी है, बस अपने वास्ते ही फिक्रमंद हैं सब लोग, यहां किसी को किसी का ख्याल थोड़ी है… एनसीआरबी आंकड़ों ...
Read More »किसानों की समस्या की जड़ में कौन.. बाजार या सरकार?
डॉ राजाराम त्रिपाठी इन दिनों देश के किसान फिर आंदोलित है, दिल्ली की देहरी पर हैं। इससे पहले अभी हाल में ही देश ने एक बड़ा व्यापक किसान आंदोलन भी देखा है। लेकिन यदि गौर से देखा जाए तो आजादी के बाद से ही अलग-अलग समस्याओं को लेकर स्थानीय स्तर ...
Read More »राजा भैया की शरण में जाकर अपनी नीयत में लगा दाग उजागर कर बैठे अखिलेश!
के पी सिंह अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव में अपनी पार्टी की फजीहत बचाने के लिए राजा भैया की शरण में जाने को मजबूर हो गये हैं। उन्होंने पहले खुद राजा भैया को फोन किया और इसके बाद समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को अपने दूत के रूप मंे ...
Read More »अखाड़े में सियासी कुश्ती! पहलवान बनाम WFI या कांग्रेस-बीजेपी की है ये लड़ाई?
शंभूनाथ शुक्ल एक बार राजकुमारी डायना ने अपने पति प्रिन्स चार्ल्स से कहा कि वे किसी सूमो पहलवान से मिलना चाहती हैं. यह बात जब जापान को पता चली तो वहां की सरकार ने इस शाही मेहमान को आमंत्रित किया और देश के टॉप सूमो पहलवान से उनकी मुलाक़ात कराई. ...
Read More »सोनिया, पटेल, पाटिल और नरसिम्हा राव… एम्स के वो 4 घंटे और अधजले शव का सच
राज खन्ना वे गंभीर रूप से बीमार थे. उसके बाद तेरह दिन और जिए. लेकिन 10 दिसंबर 2004 को ही सोनिया के एक सहायक परिवार से यह पूछने एम्स पहुंच गए कि उनका दाह संस्कार कहां किया जाना चाहिए? उससे दो हफ्ते पहले अपनी बीमारियों से अजिज नरसिम्हा राव ने ...
Read More »बढ़ रहा प्रधानमंत्री के चेहरे पर विश्वास, बूथ अध्यक्ष तक पकड़ बनाते अमित शाह
अमित शाह की रणनीति और प्रधानमंत्री के चेहरा, पचास प्रतिशत आबादी पर भाजपा का राज विश्व के सबसे श्रेष्ठ रणनीतिकार हैं अमित शाह विश्व स्तरीय नेताओं में सबसे श्रेष्ठ हैं नरेंद्र मोदी, जनता आंख मूंदकर करती है विश्वास प्रधानमंत्री की गारंटी और चाणक्य की भूमिका में अमित, 2024 में भी ...
Read More »अमर-आजम को पार्टी से बाहर किया, यूपीए को संकट से उबारा…मुलायम सिंह के चौंकाने वाले 5 फैसले
दिनेश पाठक नाम मुलायम था लेकिन कड़े फैसले लेने से चूकते नहीं थे. वे आम जनता की नब्ज को पकड़ना जानते थे. उनके फैसले लोगों को चौंकाते भी थे. कई फैसलों पर अपनों ने भी सवाल उठाए लेकिन वे हर फैसला सोच-समझ कर ही लेते थे. वे किसान, जवान, मुसलमान ...
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