Friday , April 4 2025

कही-अनकही सचकही

… और अधूरा रह गया अपने बेटे को प्रधानमंत्री पद पर देखने का सपना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता का निधन, नम हुईं सीएम की आखें पिता की मौत पर हुए स्तब्ध!, लॉकडाउन का पालन कर सन्यासी ने निभाया राजधर्म मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब टीम-11 के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्हें पिता आनंद सिह बिष्ट के निधन की ...

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पूरी दुनिया देख रही भारत का आत्मबल और ताकत

राजेश श्रीवास्तव एक तरफ जहां कोरोना महामारी ने दुनिया के सैकड़ों देशों को अपने कब्जे में ले रखा हैं और सभी देश अपने-अपने हिसाब से उसका मुकाबला कर रहे हैं। लेकिन लंबे समय से वह देश जिनके बारे में यह कहा जाता है कि उनके यहां कभी सूर्य अस्त नहीं ...

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कुम्भकर्णी नींद से जागो न्याय मूर्तियों , जागो!

दयानंद पांडेय आतंकियों के लिए , बलात्कारियों के लिए , आधी रात भी खुल जाने वाली , दंगाइयों के पोस्टर पर स्वत: संज्ञान लेने वाली , अदालतें प्रवासी मज़दूरों की भूख नहीं देख रहीं , उन की छटपटाहट नहीं देख रहीं। कि तबलीगी जमात की नंगई नहीं देख रहीं , ...

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सुप्रीम कोर्ट में जब सुनवाई शुरू होगी तब इन्हीं मौलाना को मुँह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी

पद्मपति शर्मा तबलीगियो की अश्लीलता, थूकना, मूतना, शौच, पुलिस पर हमले और संक्रमण के बावजूद मस्जिदों में उनके छिपने की खबरें मीडिया को दबा देनी चाहिए थी ? मीडिया ने कोरोना वायरस के खिलाफ लडी जा रही जंग में अपनी जान की परवाह न करते हुए देश को इस कट्टर ...

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Opinion – लॉकडाउन के विस्तार से सीमित होगा कोरोना का आकार

उपेन्द्र राय जब किसी समस्या में आपदा के लक्षण दिखने लगे, तो ऐसी समस्या से बाहर निकलने के लिए विलक्षण तरीके भी जरूरी हो जाते हैं। कोरोना वायरस दुनिया के सामने यही चुनौती पेश कर रहा है। समस्या अब लक्षण नहीं, बल्कि पूरे तौर पर आपदा बन चुकी है, लेकिन ...

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कोरोना: भारत सबसे बेहतर

डॉ. वेद प्रताप वैदिक कोरोना से पीड़ित सारे देशों के आंकड़ें देखें तो भारत शायद सबसे कम पीड़ित देशों की श्रेणी में आएगा। दुनिया के पहले दस देशों में अमेरिका से लेकर बेल्जियम तक के नाम हैं लेकिन भारत का कहीं भी जिक्र तक नहीं है। यदि भारत की जनसंख्या ...

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जमात के लोगों देश आपसे सवाल पूछ रहा है जवाब दीजिए

राजेश श्रीवास्तव आज का आलेख पढ़ने से पहले आपको थोड़ा पीछे ले जाना चाहता हूं। आप याद कीजिये 28 मार्च की तारीख जब महज 75० लोग भारत में कोरोना से संक्रमित थ्ो और एक की भी मौत नहीं हुई थी। माना जा रहा था कि भारत जल्द ही कोरोना से ...

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हिन्दुओं को मंदिर बनाने के ‘गिल्ट’ में डुबो देने की कोशिशें जारी

शेखर पण्डित राष्ट्रीय संकट के समय हम अक्सर कथित उदारवादी और सेक्युलर ब्रिगेड से सुना करते हैं कि भला होता जो मंदिर की जगह अस्पताल बनाए गए होते। मंदिरों पर हुए खर्च को किन्हीं बेहतर जगह खर्च करने की दुहाई दी जाती है। सामान्य दिनों में अस्पतालों के साथ-साथ विद्यालय ...

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प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी यह कैसा लॉक डाउन

राजेश श्रीवास्तव जब हम कोरोना वॉयरस की तीसरी स्टेज के मुहाने पर खड़े हंै और दुनिया के कई देशों में मचे हाहाकार को देख रहे हैं तब भी चेत नहीं रहे हंै। क्या यही भारत है। प्रधानमंत्री जी जब आपने संपूर्ण देश में लॉक डाउन का ऐलान किया था तब ...

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ग्लोबल लीडर बनने का चायनीज षड्यंत्र: हजारों मौत के बाद का प्रोपेगेंडा, कई देश आए वामपंथी लपेटे में!

“हालाँकि चीन के वुहान शहर से कोरोना संक्रमण का पहला मरीज सामने आया था, लेकिन यह इस बात का साक्ष्य नहीं माना जा सकता कि चीन ही कोरोना संक्रमण COVID-19 का स्रोत है।” उपरोक्त प्रेस रिलीज दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने बुधवार की शाम को जारी की। यह प्रेस रिलीज ...

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जब माधवराव सिंधिया ने अपनी दोनों बहनों को संजय गांधी को सौंप दिया था

दयानंद पांडेय ज्योतिरादित्य सिंधिया के कल कांग्रेस से इस्तीफ़ा देते ही कुछ अधजल गगरी वाले छलकने लगे। आज भाजपा ज्वाइन करते ही और छलकने लगे। बिन पानी छलकने लगे। कांग्रेसी तो कांग्रेसी सेक्यूलरिज्म के नाम पर कांग्रेस और कम्युनिस्टों की भड़ैती करने वाले , एन जी ओ फंडिंग की हड्डियां ...

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लदीदा, ताहिर, शाहरुख़, सलमान, इशरत…जिहादियों की नई पौध CAA विरोध के साथ तैयार

आशीष नौटियाल नागरिकता कानून के नाम पर शुरू हुई हिंसा की टाइमलाइन पर यदि शुरू से नजर दौडाएँ तो कुछ बातें एकदम स्पष्ट नजर आती हैं। भीषण दंगों के ठहरने के बाद आखिरकार दिल्ली अपने सामान्य रूप में वापस लौटती हुई नजर आ रही है। हालाँकि इन हिन्दू विरोधी दंगों ...

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पाकिस्तान से निरंतर जीतने वाले, देश में उपस्थित मिनी पाकिस्तान से लगातार हारते नरेन्द्र मोदी

दयानंद पांडेय इकबाल , फैज़ अहमद फ़ैज़ , जावेद अख्तर , असग़र वजाहत जैसे तमाम-तमाम नायाब रचनाकार भी अंतत: क्यों लीगी और जेहादी जुबान बोलने और लिखने लगते हैं। भारतेंदु हरिश्चंद्र , मैथिलीशरण गुप्त , प्रेमचंद , जयशंकर प्रसाद , पंत , निराला , दिनकर , बच्चन , नीरज , ...

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दो सप्ताह से चल रही थी दिल्ली हिंसा की तैयारी

राजेश श्रीवास्तव अब जब दिल्ली हिंसा थम गयी है और लोग कोशिश कर रहे हैं कि जिंदगी फिर से पटरी पर लौटे तो कुछ उपद्रवी अभी भी ऐसे हैं जो माहौल को लगातार खराब करने की कोशिश में जुटे हैं। शनिवार को ऐसी ही कोशिश दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो ...

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दिल्ली में बह रहा ये सारा “मवाद” शाहीन बाग के “फोड़े” से निकला है

प्रखर श्रीवास्तव लिबरल और सिकलुर गैंग सक्रिय हो इसके पहले पूरे मुद्दे को समझ लीजिए, आपसे अब कहा जाएगा कि “वो तो बेचारे अपना प्रदर्शऩ कर रहे थे आपको क्या जरूरत पड़ी थी मैदान में उतरने की, पूरी दिल्ली की शांति इन कपिल मिश्रा जैसे लोगों ने ही भंग की ...

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