के. विक्रम राव ठीक पचास वर्ष हुये आज से, (12 मार्च 2021)। मेरे पत्रकारी व्रत (अब वृत्ति) का प्रथम दशक था। अहमदाबाद के आश्रम रोड (नवरंगपुरा) पर हमारा दफ्तर (टाइम्स आफ इंडिया) रहा, अभी भी है। साबरमती नदी तट पीछे और गांधी आश्रम दूसरी छोरपर पड़ता है। गुजरात में मेरी ...
Read More »हमारे कॉलमिस्ट
कांग्रेस पर दलबदल का संकट,170 विधायकों ने छोड़ा साथ,5 राज्यों में गिरी सरकारें
विकास सिंह चुनावों के समय विधायकों का अपनी पार्टी से मोहभंग होना और पाला बदलना वैसे तो कोई नई बात नहीं है लेकिन अगर विधायकों के पार्टी के मोहभंग से 5 सालों में पांच सरकारें गिर जाए तो लोकतंत्र में व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठना स्वभाविक है। सवाल चुनावी ...
Read More »आख़िर मिथुन चक्रवर्ती भी आईने के सामने खड़े हो कर आज लेफ्ट से राइट बन गए
दयानंद पांडेय कोलकाता की रैली में आज मंच पर सरेआम नरेंद्र मोदी का चरण स्पर्श करने वाले मिथुन चक्रवर्ती भी आख़िर भाजपा की वाशिंग मशीन में आ गए। मिथुन चक्रवर्ती कभी लेफ्ट में लेफ्ट राइट करते थे। वामपंथी फ़िल्मकार और निर्देशक मृणाल सेन के अभिनेता हैं मिथुन चक्रवर्ती। मृगया मिथुन ...
Read More »मोदी स्टेडियम : इतिहास पर छाप छोड़ने की अमिट भूख का प्रतीक
राजेश श्रीवास्तव अपने देश में सियासत भी अजब-अजब रंग दिखाती है। अब तो राजनीति में शुचिता और भरोसे की कल्पना करना भी बेमानी हो गया है। देश में तकरीबन डेढ़-दो दशक पहले ऐसे नेता के रूप में मायावती को देखा था जो अपने जीवित रहते ही अपनी मूर्तियों को जगह-जगह ...
Read More »रतन लाल ड्यूटी कर रहे थे, अंकित ड्यूटी से लौटे थे और मासूम नितिन चाउमीन खाने निकला था: याद कीजिए दिल्ली का हिन्दू-विरोधी दंगा
अनुपम कुमार सिंह दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों को 1 वर्ष पूरे हो चुके हैं और साथ ही इस दंगे में मारे गए हिन्दुओं के परिवारों के लिए न्याय का इंतजार भी बढ़ता जा रहा है। इस मामले में ताहिर हुसैन समेत सभी आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल ...
Read More »22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प कब होगा पूर्ण ?
अमित त्यागी भारत की जम्मू, कश्मीर और लद्दाख नीति के संदर्भ में भारतीय संसद द्वारा 22 फरवरी 1994 को पारित प्रस्ताव बेहद महत्वपूर्ण एवं आवश्यक दस्तावेज़ है। उस समय की कांग्रेस सरकार के प्रधानमंत्री नरसिंह राव के नेतृत्व में भारतीय संसद ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर ...
Read More »नेहरू के गुस्से के बावजूद जिस मेजर ने बिना खून बहाए तवांग को भारत में मिलाया, PM मोदी के समय मिला उन्हें सम्मान
अनुपम कुमार सिंह भारत के एक महान सैन्य अधिकारी को उनके योगदान के लिए 70 साल बाद वो सम्मान मिला, जिसके वो हकदार थे। तवांग का भारत में विलय कराने वाले मेजर रालेंगनाओ बॉब खातिंग के सम्मान में रविवार (फरवरी 14, 2021) को CDS जनरल विपिन रावत, अरुणाचल प्रदेश के ...
Read More »तब शास्त्री नहीं झुके थे, अब मोदी पीछे नहीं हटेंगे: तब भी हुआ था ‘किसान आंदोलन’, ‘हरित क्रांति’ को वामपंथियों ने खून से जोड़ा था
अनुपम कुमार सिंह खेती करने की आधुनिक प्रक्रिया, ज्यादा उत्पादन देने वाले बीज, नई तकनीक, नए उपकरण और कृषि क्षेत्र के साथ उद्योग का मिश्रण – क्या आप सोच सकते हैं कि अगर कोई सरकार किसी गरीब देश में घाटे में जाते किसानों के लिए ऐसा कुछ करना चाहे तो ...
Read More »जमीन का पता नहीं, सोशल मीडिया में हवाबाजी की तैयारी: सिकुड़ती कॉन्ग्रेस का 5 लाख ‘वॉरियर्स’ से कितना भला?
विभव देव शुक्ला भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस एक नया राजनीतिक पैंतरा लेकर आई है। कॉन्ग्रेस लगभग 5 लाख ‘सोशल मीडिया वॉरियर्स’ तैनात करेगी। लेकिन इस ख़बर के सामने आते ही मज़बूत सवाल खड़ा होता है, क्या राजनीतिक ज़मीन पर लड़खड़ाती कॉन्ग्रेस को ऐसे फैसलों की ज़रूरत है? हाल-फ़िलहाल की राजनीति का ...
Read More »कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद नेताजी को जहर दिया गया था? उन पर किताब लिखने वाले अनुज धर ने जताया संदेह
अजीत झा पूर्व पत्रकार अनुज धर ने शनिवार (31 जनवरी, 2021) को एक ट्वीट कर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा कर दिया। धर ने नेताजी पर ‘कुन्ड्रम: सुभाष बोस लाइफ आफ्टर डेथ (Conundrum: Subhas Bose’s Life after Death)’ नाम से किताब लिखी है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा, “1939 में इसी ...
Read More »………….और इस तरह कल एक बार फिर भीड़तंत्र ने लोकतंत्र को उसकी औकात बता दी
सर्वेश तिवारी श्रीमुख और इस तरह कल एक बार फिर भीड़तंत्र ने लोकतंत्र को उसकी औकात बता दी। कल जो हुआ वह आजादी के बाद देश के लिए सबसे अपमानजनक घटनाओं में से एक है। पर इस घटना से थोड़ा भी कम अपमानजनक इस पर आ रही निर्लज्ज प्रतिक्रियाएं नहीं ...
Read More »इस ट्रैक्टर रैली ऊर्फ टेरर रैली में तैयारी तो जालियांवाला बाग़ बनाने की ही थी
दयानंद पांडेय कल का दिन राष्ट्रीय शर्म का तो था ही पर कृपया मुझे यह कहने की अनुमति दीजिए कि लालकिले की प्राचीर पर जो भी कुछ अप्रिय हुआ वह आतंकी कार्रवाई थी। आंदोलनकारी , या दंगाई घटना नहीं थी। ठीक वैसे ही जैसे यह ट्रैक्टर रैली के नाम पर ...
Read More »गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में अराजक आंदोलन से शर्मसार लोकतंत्र !
विकास सिंह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत और भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व गणतंत्र दिवस। 26 जनवरी 1950 से आज तक दिल्ली में आज के दिन होने वाले ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस समारोह पर दुनिया की नजर टिकी होती थी लेकिन आज 72 वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ...
Read More »शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’
रचना कुमारी (सभार) आतंकी संगठन आईएसआईएसआई के बारे में जब हम पढ़ते हैं कि वह अल्पसंख्यक यजीदी महिलाओं को यौन गुलाम बना रहा है तो हमें आश्चर्य होता है, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दिल्ली सल्तनत के सुल्तानों व मुगल बादशाहों ने भी बहुसंख्यक हिंदू महिलाओं को बड़े पैमाने ...
Read More »काम की समीक्षा से डर लगता है साहेब: जामिया से JNU तक शिक्षकों में परफॉर्मेंस रिव्यू का खौफ
आशीष नौटियाल (सभार ) जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि अब यह निर्धारित करने के लिए शिक्षकों की परफॉर्मेंस की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी कि उनकी नौकरी जारी रहनी चाहिए या उन्हें केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के अनुसार समय से पहले सेवानिवृत्त ...
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