कहते हैं कि कलि काल में एक महान व्यक्ति का अभ्युदय हुआ जो हर मामले का जानकार हुआ करता था। वो जो कह देता था, वही परम सत्य हुआ करता था। वो टीवी नामक यंत्र से रात के नौ बजे प्रवचन किया करता था। उसके भक्तों की संख्या बढ़ती गई ...
Read More »हमारे कॉलमिस्ट
थूक कर कितनी बार चाटेंगे राहुल गॉंधी, अब तो पाकिस्तानी भी कहने लगे कंफ्यूज्ड
अजीत झा बचपन में पढ़ा था थूक कर चाटना। यानी अपनी ही बातों से मुकर जाना। बीते कुछ सालों से जिस एक व्यक्ति को बार-बार इस मुहावरे पर खरे उतरता देख रहा हूँ, वो कोई और नहीं देश के इकलौते चिर युवा 49 वर्षीय राहुल गॉंधी हैं। अब तो हालत ...
Read More »2०13 तक डबल डिजिट की शहरी और ग्रामीण आय अब रह गयी पांच फीसद
राजेश श्रीवास्तव भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ बढ़ रही है। 2०16-17 में जीडीपी विकास दर 8.2% थी, 2०18-19 में वो 5.8% पर पहुंच गई है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की रिसर्च के मुताबिक 2०19-2० की पहली तिमाही में यह और नीचे जाकर 5.6% पर पहुंचने की आशंका है। ...
Read More »कृषि प्रधान देश के 76 फीसद किसान तलाश रहे खेती के विकल्प
राजेश श्रीवास्तव लखनऊ । कभी भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता था । लेकिन आज वह स्थिति आ गयी है जब हमारा अन्नदाता ख्ोती को छोड़कर उसका विकल्प तलाशने लगा है। यह स्थिति सिर्फ यह सोचने को विवश नहीं करती कि किसान ख्ोती छोड़ रहा है। बल्कि यह सोचने ...
Read More »बेरोजगारी : बीते साल देश में 1.10 करोड़ नौकरियां हो गयीं कम
राजेश श्रीवास्तव लखनऊ । पिछले दिनों नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने सरकार से निजी कंपनियों को भरोसे में लेने की सलाह देते हुए कहा था कि किसी ने भी पिछले 7० साल में ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया जब पूरी वित्तीय प्रणाली जोखिम में है। राजीव ...
Read More »आर्थिक मंदी से निपटना मोदी सरकार के लिए कड़ी अग्निपरीक्षा
राजेश श्रीवास्तव लखनऊ । एक तरफ भले ही मोदी सरकार के रणनीतिकार यह स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि देश में आर्थिक मंदी का खास असर है। लेकिन एक दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस संबंध मंे कई ऐलान कर इस बात को स्वीकार कर लिया कि सरकार ...
Read More »अंधी गली में भारत की अर्थव्यवस्था (भाग-1)
आज देश में बेरोजगारी और आर्थिक मंदी विस्फोटक स्थिति में हैं। लेकिन इस पर कहीं चर्चा नहीं हो रही है। सरकार की उपलब्धियां तो बतायी जा रही हैं लेकिन आम आदमी जिस परेशानी के दौर से गुजर रहा है उससे उसे सबका साथ सबका विकास का नारा भोथरा साबित होता ...
Read More »वामपंथ एक कैंसर है, इसको इग्नोर करने से काम नहीं चलेगा, इनकी जड़ पर एसिड डालना ज़रूरी
अजीत भारती वामपंथ के नाम पर आपको खूब इमोशनल अदरक-लहसुन सुँघाया जाएगा। वो कहेंगे कि ‘कामनिष्ठ मैनिफेस्टो’ पढ़ो। आप पूछिए कि क्यों पढ़ें? वो कहें कि मार्क्स के विचार पढ़ो, आप पूछिए कि क्यों पढ़ें? वो कहेंगे कि वामपंथ की विचारधारा उदारवादी है, आप कहिए कि नक्सलियों के हिमयाती और ...
Read More »डियर शेहला सबूत तो जरूरी है, वरना चर्चे तो आपके बैग में कंडोम मिलने के भी थे
डियर शेहला रशीद शोरा, आशा है आप सानंद होंगी। अब ये मत कहिएगा कि सेना की फटकार, सोशल मीडिया पर दुत्कार और कानून के कसते शिकंजे के बीच आनंद कैसा! पार्ट टाइम पढ़ाई और फुल टाइम पॉलिटिक्स की आपकी मेहनत को जानता हूॅं। दुख इस बात का है कि सोशल ...
Read More »नेहरू-शेख की दोस्ती के कसीदों में ही छिपा है कश्मीर का शोकगीत, खुसरो की कविता से नहीं बदलेगा इतिहास
आशीष नौटियाल जम्मू-कश्मीर में जब से मोदी सरकार ने आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किया है, इसके विरोधियों से लेकर समर्थक तक न केवल इतिहास के प्रसंगों से जूझ रहे हैं, बल्कि अपने तर्क को धार देने के लिए गद्य और कविता तक का हवाला दे रहे हैं। इसी ...
Read More »जिसके पिता ने लिखी सत्यनारायण कथा, उसके 3 बेटों ने ‘इज्जत लूटने वाले’ अंग्रेज को मारा और चढ़ गए फाँसी पर
आनन्द कुमार आज अगर कोई कहे कि घर में पूजा है, तो ये माना जा सकता है कि “सत्यनारायण कथा” होने वाली है। ऐसा हमेशा से नहीं था। दो सौ साल पहले के दौर में घरों में होने वाली पूजा में सत्यनारायण कथा सुनाया जाना उतना आम नहीं था। हरि ...
Read More »कश्मीर में पंडित सुरक्षित है और मुसलमान आतंक में हैं: भारतीय मीडिया की पाक अकुपाइड पत्रकारिता
अजीत भारती ये एक फर्जी ‘दुख भरी कहानी’ है जो आपको नाम बदल कर हर पाक अकुपाइड पत्रकार लिखता मिलेगा। ये न लिख पाए, तो दस लोगों का नाम लिख कर यह बताता मिलेगा कि ‘स्थानीय कश्मीरी नवयुवक ने बताई अपनी व्यथा’। वो सारे नवयुवक फर्जी होते हैं, जैसे कि ...
Read More »गौतस्करों ने 19 हिन्दुओं की हत्या की, लेकिन गोपाल की हत्या उसे तबरेज़ या अखलाक नहीं बना पाती
अजीत भारती स्वराज्य पोर्टल पर एक खबर छपी है जहाँ उन्होंने यह बताया है कि 2018 से अब तक बीस लोगों की हत्याएँ हुई हैं गौतस्करों और बीफ माफिया द्वारा। इनमें किसान हैं, पुलिस वाले हैं, साधु हैं। ये इक्का-दुक्का हुआ हो, ऐसा भी नहीं। साल भर में अगर बीस लोग ...
Read More »अमित शुक्ला का धर्म , धर्म नही और वाजिद का धर्म सिर माथे पर
योगेश किसलय वाह रे जोमाटो ! बड़ा गंगा जमुनी तहजीब बांटे जा रहे हो मुफत में। इतना ही नही चुनौती भी दे रहे हो कि हिंदुओ के भरोसे उनकी दुकानदारी नही चल रही है। उधर लिब्रान्ड जमात भी उल्टी दस्त किये जा रहा है कि देश का धार्मिक समरसता खतरे ...
Read More »कश्मीरः भारत-पाक अपना ढोंग खत्म करें
डॉ. वेद प्रताप वैदिक कश्मीर में 10 हजार नए पुलिसवालों की तैनाती से हड़कंप मचा हुआ है। कश्मीरी नेता और अलगाववादी लोग भी यह मान रहे हैं कि यह तैनाती इसलिए की जा रही है कि सरकार धारा 370 और 35 ए को खत्म करनेवाली है। उन कश्मीरी नेताओं का ...
Read More »