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चेतन सकारिया ने बताई राहुल द्रविड़ की सबसे बड़ी खासियत, खोला उनके ‘चार्ट पेपर’ का रहस्य

राजकोट से लगभग 180 किलोमीटर दूर वार्टेजो गांव से आने वाले भारतीय युवा क्रिकेटर चेतन सकारिया को पिछले कुछ समय में काफी लाइमलाइट मिली है। IPL 2021 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने इस खिलाड़ी को 1.20 करोड़ रुपए की मोटी रकम में अपनी टीम में शामिल किया था। आईपीएल के जरिए सकारिया पर पैसों की तो बरसात हुई, लेकिन इस दौरान भाई और पिता के देहांत ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। अब चेतन अपनी माता के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं और वह सभी दुखों को पीछे छोड़ते हुए क्रिकेट पर पूरा ध्यान दे रहे हैं।

आईपीएल 2021 के पहले चरण में लाजवाब प्रदर्शन का फल चेतन सकारिया को श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के चयन के रूप में मिला। इस दौरे पर उन्हें वनडे के साथ टी20 क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला। चेतन को इस दौरान राहुल द्रविड़ की कोचिंग में खेलने के साथ शिखर धवन और भुवनेश्वर कुमार जैसे सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला। चेतन सकारिया ने एक इंटरवीव में श्रीलंका दौरे के अपने अनुभव को साझा किया है।

प्रश्न – टीम इंडिया में सेलेक्ट होने की खबर आपको कब मिली और उस समय आपकी क्या प्रतिक्रिया थी?

उत्तर – जब मेरा टीम इंडिया में सेलेक्शन हुआ तो उस समय मैं चेन्नई में ट्रेनिंग कर रहा था। रात को डिनर करने के बाद मैं सोने ही जा रहा था तब मेरे पास एक कॉल आया और तब मुझे पता चला कि मेरा टीम इंडिया में सेलेक्शन हो गया है। उस समय मुझे विश्वास नहीं हो रहा था, तब मैंने गूगल पर जाकर खुद से चेक किया और देखा कि हां मैं सेलेक्ट हो गया हूं। उस समय मैं शॉक सा हो गया था।

जब चेतन से घरवालों के रिएक्शन के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि गांव में खबर देरी से पहुंचती है तो मैंने ही अपनी मां को कॉल करके टीम इंडिया में सेलेक्ट होने की खुशखबरी दी थी। मां ने उस समय यही कहा था कि चल तेरा सपना पूरा हो गया।

प्रश्न – टीम के साथ जब जुड़े तो कैसे खुद को बाकी खिलाड़ियों के साथ एडजस्ट किया और किसने घुलने-मिलने में मदद की?

उत्तर – पहले मैं थोड़ा डरा हुआ था क्योंकि टीम में बड़े-बड़े खिलाड़ी और कोच मौजूद थे। मैं थोड़ा नर्वस भी था कि किससे कैसे बात करूंगा, लेकिन मेरे मन में दूसरी तरफ यह था कि इस टूर पर जितना क्रिकेट हो सके उतना क्रिकेट सीख लेना है। तो प्रैक्टिस के दौरान जब भी मुझे लगता कि कोई खिलाड़ी फ्री है तो मैं उससे जाकर पूछने लग जाता था। ऐसे धीरे-धीरे मेरी सबसे बात होना शुरू हो गई।

टूर के दौरान ज्यादातर मैं भुवी भैया के पीछे पड़ा रहता था जब भी मौका मिलता था तो मैं उनसे नया सवाल करने की कोशिश करता था। धवन भैया भी काफी अच्छे थे, वो खुद से आकर बातचीत करते थे और कंफर्ट कराने की कोशिश करते थे।

प्रश्न – कब पता चला कि तुम भारत के लिए नीली जर्सी पहनकर खेलने वाले हो?

उत्तर-  राहुल सर ने एक दिन पहले ही खेलने के संकेत दे दिए थे। दूसरा वनडे खत्म होने के बाद जो खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में नहीं थे वो अपनी डेली प्रैक्टिस कर रहे थे, तब राहुल सर ने कहा था कि तीसरे वनडे में बड़े बदलाव होने की संभावनाएं है उसके लिए तुम तैयार रहना। तब मैं समझ गया कि तीसरे वनडे में मुझे मौका मिलने वाला है और मैंने उसी समय से अपनी तैयारियां शुरू कर दी थी। फाइनली मुझे ग्राउंड में पहुंचकर पता चला कि मैं वनडे में डेब्यू करने वाला हूं, राहुल सर ने सबको खुद जाकर बताया था जो तीसरा वनडे खेलने वाले थे।

प्रश्न – डेब्यू के दौरान कितना प्रेशर था? किसने प्रेशर कम करने में मदद की?

उत्तर – आईपीएल में डेब्यू करना थोड़ा आसान था। मैं एक दो गेंद डालने के बाद नॉर्मल हो गया था, लेकिन टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने से पहले मैं डरा हुआ था। उस समय ऐसा लग रहा था कि मेरा शरीर जम सा गया है। जब मैं मैच से पहले सिंगल विकेट प्रैक्टिस कर रहा था तब भुवी भाई को मेरा रन-अप देखकर पता चल गया था कि मैं नर्वस हूं क्योंकि मैं रोज जिस तरह रन-अप लेता था मैं उस तरह से नहीं भाग पा रहा था। तब भुवी भाई मेरे पास आए और पूछा कि नर्वस है तू? प्रेशर फील हो रहा है? मैंने कहा हां भैया मुझे मेरी बॉडी ही फील नहीं हो रही है।

तब उन्होंने मुझे कहा कि सबके साथ ऐसा होता है। देख ये लास्ट मैच है हम सीरीज जीत चुके हैं तो तू अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान दे, ये मत सोच कि तू मैच जीताएगा या हरवाएगा। तू इतना मत सोच, बस अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान दे।

बस फिर क्या था भुवनेश्वर कुमार की बातों ने युवा सकारिया का आत्मविश्वास बढ़ाया और वह मैदान पर उतर गए। सकारिया को नवदीप सैनी के साथ नई गेंद से बॉलिंग करने का अवसर मिला। सकारिया ने बताया कि वह नई गेंद के साथ खुद को ज्यादा सहज महसूस करते हैं और जब उन्हें नई गेंद मिली तो उन्होंने अपने नॉर्मल प्रोसेस को फॉलो किया।

प्रश्न – वकांडा फोरऐवर सेलिब्रेशन क्या है? 

उत्तर – ये सूपरहीरो सेलीब्रेशन है, ब्लैकपैंथर मूवी में वो एक दूसरे को ऐसे ग्रीट करते हैं। ये फिल्म 2018 में रिलीज हुई थी और उस समय ये मुझे काफी पसंद आया और मैं अपने विकेट का जश्न अलग अंदाज में मनाना चाहता था इस वजह से मैंने इसे फॉलो किया।

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प्रश्न – भुवनेश्वर कुमार जैसे सीनियर गेंदबाज से पूरे टूर के दौरान क्या सीखने को मिला?

उत्तर – भुवी भैया से पूरे टूर के दौरान मुझे काफी कुछ सीखने को मिला। वह अपने बॉलिंग ऐक्शन को पूरा फील करते हैं, उनका अगर एक भी स्टेप छोटा या बड़ा हो जाता है तो उन्हें पता चल जाता है। उन्होंने मुझे भी कहा कि तू भी अपना ऐक्शन फील कर तभी बॉलिंग में एकुरेसी आएगी। एकुरेसी के लिए ये चीज काफी जरूरी है।

भुवनेश्वर कुमार से नकल बॉल सीखने की बात पर चेतन ने कहा कि हर कोई उनसे ये सवाल जरूर पूछता है, मैंने भी उनसे पूछा। जहीर सर, जिन्होंने भारत में नकल बॉल की शुरुआत की थी, वह दूसरे हाथ में गेंद को छिपाकर आते थे और फिर नकल बॉल डालते थे, लेकिन भुवी भाई ने उनसे थोड़ा अलग किया। वह गेंद को नॉर्मल सीम पोजिशन में पकड़कर आते हैं और लोडिंग के समय वह अपनी उंगलियों को गेंद के पीछे ले जाते हैं। ऐसा करना काफी कठिन है, मुझे तो काफी मुश्किल लगा। मैंने कई बार नकल बॉल डालने का भी प्रयास किया, लेकिन इसको सीखने के लिए काफी मेहनत और समय लगेगा, मगर मैं इसको सीखकर ही रहूंगा।

प्रश्न – राहुल द्रविड़ की कोचिंग में खेलकर कैसा लगा? उन्होंने आपको बॉलिंग में कुछ सुझाव दिए?

उत्तर – राहुल सर सबसे पहले आपको कंफर्टेबल फील करवाते हैं फिर आपको एक चार्ट बनाकर देते हैं जिसमें लिखा होता है कि आप ऐसे प्लेयर हो, आपमें ये पॉजिटिव चीजें हैं, इस क्षेत्र में आप काफी अच्छे हो। आप इन चीजों के ऊपर ही फोकस करो। राहुल सर बोलते हैं कि हर खिलाड़ी एक जैसा नहीं होता, उन्होंने मुझे यही समझाया कि हर गेंदबाज की अपनी स्टाइल होती है और उसकी अपनी ताकत होती है।

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उन्होंने मेरी बॉलिंग के बारे में बताया कि जब गेंद मेरे हाथ से छूटती है तो लगता है कि काफी धमी जा रही है, लेकिन पिच पर पड़ने के बाद मेरी गेंद काफी तेजी से स्किड होकर जाती है। जिस वजह से बल्लेबाज गेंद को समझ नहीं पाता। यह बात उन्होंने मुझे नेट्स सेशन के दौरान बताई थी।

प्रश्न – क्रुणाल पांड्या के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद टीम का माहौल कैसा था?

उत्तर – क्रुणाल पांड्या के कोविड पॉजिटिव होने के बाद टीम का माहौल नॉर्मल ही था। बस हम उसे परफॉर्मेंस में तब्दील नहीं कर पाए। सभी खिलाड़ी बायो-बबल का अच्छे से पालन कर रहे थे, फिर पता नहीं कैसे टीम में कोरोना वायरस की एंट्री हुई। हर कोई बस उस समय क्रुणाल भैया की चिंता कर रहा था कि उनकी तबीयत ठीक है या नहीं। क्रिकेट को लेकर हमारी मेंटालिटी में कोई बदलाव नहीं था।

प्रश्न – कई खिलाड़ियों के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद टी20 में भी डेब्यू करने का मौका मिला, उस समय कैसी फीलिंग थी?

उत्तर – मिक्स फीलिंग तो नहीं थी, उस फीलिंग को जाहिर करना मुश्किल है। मुझे वनडे सीरीज में भी आखिरी मैच में मौका मिला था तो उम्मीद कम लग रही थी टी20 खेलने की। मगर खिलाड़ी कोविड पॉजिटिव आए और मुझे खेलने का मौका मिला। इस टूर पर गया हर एक खिलाड़ी खेलने को तैयार था, हम उस टीम के साथ भी सीरीज जीतना चाहते थे, लेकिन हम ऐसा करने में असफल रहे।

प्रश्न – दूसरे टी20 के दौरान डेथ ओवर में गेंदबाजी करने का मौका मिला, उस समय कितना प्रेशर था?

उत्तर – टी20 क्रिकेट मैं इंज्वॉय करके खेलता हूं तो डेथ ओवर में भी मेरे ऊपर प्रेशर नहीं था। जब भुवी भाई 19वां ओवर डाल रहे थे तो मैं उस समय सोच रहा था कि इतने रन बचेंगे तो मैं मैच निकाल लूंगा। उस समय मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि इस बल्लेबाज को मैं ऐसे गेंद डालकर बीट कर सकता हूं, विकेट के लिए कौन सी गेंद डालनी है और विकेट के लिए कब जाना है। उम्मीद कर रहा था कि मुझे 9-10 रन मिल जाए। सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा था और मुझे अंत में 8 रन मिले, लेकिन फिर दूसरी गेंद वाइड गई और उस पर दो और रन चले गए। वहां से विपक्षी टीम कम्फर्ट हो गई और हम मैच हार गए।

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प्रश्न – अब टीम इंडिया के निचले क्रम के खिलाड़ियों से भी थोड़ी बहुत बल्लेबाजी करने की अपेक्षा बढ़ गई है, आप अपनी बल्लेबाजी पर कुछ काम कर रहे हैं?

उत्तर – मैं अपनी बल्लेबाजी पर पिछले दो साल से काम कर रहा हूं, मेरे दिमाग में यह चीज बहुत पहले से थी कि सिर्फ एक फील्ड में अच्छा होने से आप भारतीय टीम में सेलेक्ट नहीं हो सकते। आपको फील्डिंग में और बैटिंग में भी अच्छा करना होगा।

मुझे लोअर मिडल ऑर्डर में बल्लेबाजी करना पसंद है, अगर टीम को उस समय तेजी से रन बनाने की जरूरत होगी तो मैं बड़े शॉट खेल सकता हूं, वहीं ऊपरी क्रम के जल्दी ढह जाने के बाद मैं दूसरे बल्लेबाज के साथ पार्टनरशिप भी कर सकता हूं। स्पिनर्स के सामने मुझे बल्लेबाजी करना ज्यादा पसंद है।

प्रश्न – इंटरनेशनल क्रिकेट का स्वाद चखने के बाद आईपीएल 2021 के दूसरे चरण के लिए कुछ खास प्लान?

उत्तर – आईपीएल मेरे लिए और इंट्रस्टिंग और चैलेंजिंग होगा। अब मेरा ध्यान एक कदम आगे चलने पर है। मैं इस समय अपनी बॉलिंग स्पीड बढ़ाने पर काम कर रहा हूं। मैं अभी 132-134 के आस-पास की स्पीड से गेंदबाजी कर लेता हूं। मैंने कई सीनियर प्लेयर्स से बात की है तो उन्होंने मुझे बताया कि एक गेंदबाज अपनी स्पीड को 10kmph तक बढ़ सकता है। बस मेरी कोशिश वही है।

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