Tuesday , October 19 2021

लखीमपुर खीरी बनेगा जंग का नया मैदान? किसानों के जत्थे संग राकेश टिकैत रवाना, प्रियंका कल पहुंचेंगी

                               लखनऊ। लखीमपुर खीरी में भाजपा नेताओं और किसानों के बीच सेटकराव के बाद शुरू हुआ बवाल जल्द थमने की संभावना नहीं दिख रही है।  ऐसे में लखीमपुर खीरी जंग का नया मैदान बनने जा रहा है। राकेश टिकैत भी किसानों के जत्थे के साथ दिल्ली बार्डर से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए हैं, जबकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा भी वहां कल पहुंच रही हैं।

भारतीय किसान यूनियन ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से राकेश टिकैत की रवानगी की जानकारी देने के साथ ही बताया कि केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय टेनी के बेटे की कार से तीन किसानों की मौत हो गई है। किसान नेता तजेंद्रर सिंह विर्क घायल हैं।हालांकि अभी तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सैकड़ों समर्थकों के साथ रविवार शाम सवा पांच बजे गाजीपुर बॉर्डर से खीरी के लिए निकल गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों से अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश भी दिया है।

खीरी के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वहां किसान वापस लौट रहे थे। उन पर गाड़ियों से हमला किया गया। फायरिंग की गई। इसमें कई किसानों की मौत की खबर है। हम यहां से लखीमपुर खीरी के लिए निकल रहे हैं। रात 12-1 बजे तक हम खीरी पहुंच सकते हैं। वहां पीड़ित किसानों के बीच जाएंगे और उनकी बात को सबके सामने रखेंगे।

हैदराबाद से सीधे गाजीपुर और तंबू में बैठक करके किया कूच

संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता दर्शनपाल ने बयान जारी कर कहा कि हमारे किसान साथियों ने आज यूपी के डिप्टी सीएम को हेलीकॉप्टर से उतरने के लिए वहां घेराव किया था। यह घेराव खत्म होने वाला था। उसी वक्त तीन गाड़ियां तेज स्पीड में आईं। एक गाड़ी में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री का बेटा समेत कई लोग थे। उन्होंने किसानों के ऊपर गाड़ियां चढ़ा दी। इसमें दो किसानों की मौत हो गई। साथ ही हमारे नेता तेजिंदर विर्क को गंभीर चोटें लगी हैं। इसे लेकर किसानों में गुस्सा है। इस गुस्से में किसानों ने उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया है। संयुक्त किसान मोर्चा मांग करता है कि गृह राज्यमंत्री, उनके बेटे, भाई पर कत्ल का मुकदमा दर्ज हो। मंत्री पद से निष्कासित किया जाए। ऐसे ही अन्य दोषियों पर मुकदमे दर्ज किए जाएं। यह दुख की घटना है। हम इस पर जल्द फैसला लेंगे।

जगतार बाजवा बोले- किसान अलर्ट रहें, संयम बनाए रखें

गाजीपुर बॉर्डर से किसान प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि मंत्री के बेटे ने किसानों को रौंदा। इसमें कुछ किसान शहीद हुए हैं। यह भारत के इतिहास में इस तानाशाह सरकार का सबसे बड़ा प्रमाण है। लोकतांत्रिक तरीके से किसी को आंदोलन करने का भी अधिकार इस सरकार में नहीं है। सभी किसान अपने-अपने क्षेत्र में अलर्ट रहें। संयम बनाए रखें। एसकेएम की जो कॉल आएगी, उसका पालन करें।

About I watch

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरोना का कहर

भारत की स्थिति