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पुतिन की परमाणु धमकी को मजाक समझने की गलती न करें, बल्कि….- रूसी नेता ने दी चेतावनी

रूस के विपक्षी नेता और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक ग्रिगोरी यवलंस्की ने कहा है कि पुतिन की परमाणु धमकी कोई मजाक नहीं है बल्कि वास्तविक है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में मौजूदा हालात को देखते हुए पुतिन की परमाणु धमकियों को कोरी धमकी समझना बेवकूफी होगी. पुतिन जब परमाणु बम इस्तेमाल करने की धमकी देते हैं, तो वह सच में परमाणु हमला करने की धमकी दे रहे होते हैं.

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि पुतिन की परमाणु धमकी एक वास्तविक धमकी है. इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल की बात बेहद गंभीर है. वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, उनकी धमकी महज कुछ शब्द नहीं है बल्कि यह वास्तविक है.’

युद्ध शुरू होने के बाद से कई बार परमाणु की धमकी दे चुके हैं पुतिन

रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देश यूक्रेन को भारी मात्रा में आधुनिक हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं. इसी कारण यूक्रेन युद्ध के मैदान में अब तक डटकर रूस का मुकाबला कर रहा है.

व्लादिमीर पुतिन ने इसे लेकर कहा था, ‘वर्तमान माहौल में जब सभी प्रमुख नाटो देशों ने हमें रणनीतिक रूप से हराने, हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने लक्ष्य की घोषणा की है … हम उनकी परमाणु क्षमताओं को कैसे ध्यान में नहीं रख सकते हैं? इसके अलावा, वे यूक्रेन को अरबों डॉलर के  हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं.’

पिछले साल 24 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन ने अप्रत्यक्ष रूप से परमाणु हमले की धमकी देते हुए कहा था, ‘वो लोग जो हमारे रास्ते में आने की कोशिश करेंगे या हमारे देश के लिए खतरा पैदा करेंगे, वो ये बात जान लें कि रूस तुरंत कार्रवाई करेगा. इस कार्रवाई के ऐसे परिणाम होंगे जैसे इतिहास में कभी नहीं हुए.’

इसके बाद अप्रैल के महीने में पुतिन ने कहा था कि जो कोई भी बाहरी तौर पर दखल देने या रूस की कूटनीति के लिए खतरा बनने की कोशिश करेगा, उसे बिजली से भी तेज प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा. पुतिन ने कहा था कि ऐसा करने के लिए रूस के पास हर तरह के हथियार हैं.

सिंतबर 2022 में पुतिन ने परमाणु हमले की धमकी देते हुए कहा था, ‘मैं मजाक नहीं कर रहा हूं.’

पुतिन की इन धमकियों को यूक्रेन ने डराने वाली रणनीति बताया जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि पुतिन सच में मजाक नहीं कर रहे, बल्कि वो ऐसा कर सकते हैं. अक्टूबर की शुरुआत में बाइडेन ने कहा था कि जमीन पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और इस बीच पुतिन की परमाणु धमकियां केवल मजाक नहीं हैं.

अमेरिका के साथ परमाणु संधि को रूस ने किया है निलंबित

परमाणु हमले की आशंका तब और बढ़ गई जब इसी साल फरवरी में रूस ने अमेरिका के साथ अपनी एकमात्र बची परमाणु संधि New START को निलंबित कर दिया. पुतिन ने अपने वार्षिक भाषण में इस संधि को निलंबित करने की घोषणा करते हुए कहा था, ‘आज मैं यह घोषणा करने के लिए मजबूर हूं कि रूस इस संधि में अपनी भागीदारी को निलंबित कर रहा है. अमेरिका के साथ संबंध बेहद खराब स्थति में हैं और इसका जिम्मेदार अमेरिका ही है.’

उन्होंने कहा कि अमेरिका परमाणु हथियारों का परीक्षण करता है तो रूस भी ऐसा करने के लिए तैयार है.

अमेरिका और रूस के बीच New START परमाणु संधि साल 2010 में हुई थी ताकि परमाणु हथियारों के दौड़ को कम किया जा सके. इसके मुताबिक, देश 1,550 से अधिक रणनीतिक परमाणु हथियार और अधिकतम 700 लंबी दूरी की मिसाइल और बमवर्षक तैनात नहीं कर सकते हैं.

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