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‘आपको पचासों कॉल की माननीय…’, शूटर के एनकाउंटर के बाद अतीक ने एक नेता को किया फोन

प्रयागराज/लखनऊ। प्रयागराज में राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की सरेआम हत्या के मामले में फंसे माफिया डॉन अतीक अहमद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. एसटीएफ की रडार पर अतीक अहमद मामले में एक सफेदपोश है. सूत्रों के मुताबिक, माफिया अतीक अहमद एक सफेदपोश के संपर्क में था और मदद की भीख मांग रहा था.

इस सफेदपोश से अतीक अहमद ने संपर्क करने की कोशिश की. फेसटाइम पर अतीक ने कई बार कॉल किया. फेसटाइम पर बात नहीं होने पर अतीक ने नॉर्मल कॉल किया था. नॉर्मल कॉल को सफेदपोश ने उठा लिया था. जैसे ही कॉल उठा तो अतीक बोला, ‘फेसटाइम पर आपको पचासों कॉल की माननीय… आप मेरा फोन क्यों नहीं उठा रहे. बात काहे नहीं कर रहे.’

माफिया अतीक अहमद की आवाज सुनते ही नेता ने फोन काट दिया. एसटीएफ को प्रयागराज से जुड़े 3 नेताओं पर शक है. सूत्रों के मुताबिक, तीन प्रभावशाली नेताओं में से किसी एक को अतीक अहमद ने कॉल किया था. अब एसटीएफ की टीम उस नेता की तलाश कर रही है. साथ ही उस नेता से अतीक अहमद के रिश्तों की भी पड़ताल की जा रही है.

इस खुलासे के बाद गुजरात जेल प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है, क्योंकि अतीक अहमद इस वक्त अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है और मोबाइल चला रहा है. दावा किया जाता है कि अतीक अहमद ने साबरमती जेल से ही उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने की प्लानिंग की थी, जिसे बरेली जेल में बंद अशरफ और प्रयागराज में उसके गुर्गों ने अंजाम दिया.

इस बीच प्रयागराज केस में अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. सूत्र बताते हैं कि अतीक के जेल जाने के बाद उसके गैंग की कमान शाइस्ता परवीन ने संभाल ली थी. यही नहीं शाइस्ता परवीन ने ही उमेश पाल हत्याकांड की पूरी साजिश रची. पुलिस ने शाइस्ता को 120बी का आरोप बनाया है और 25 हजार का इनाम है.

उमेश हत्याकांड को अंजाम देने से लेकर शूटरों के फरार होने का पूरा प्लान शाइस्ता ने ही बनाया था. हत्याकांड के बाद उसने हर शूटर को एक-एक लाख रुपए दिए थे. इसका पता चलने के बाद ही पुलिस ने शाइस्ता पर 25 हजार के इनाम का एलान किया था, लेकिन पुलिस को ये सब पता चलते-चलते काफी देर हो चुकी थी.

शाइस्ता पुलिस को शुरुआत में गुमराह करती रही और जब तक पुलिस उस पर शिकंजा कसती तब तक वो उसकी पकड़ से बहुत दूर जा चुकी थी. उसने न केवल हत्याकांड का आरोप योगी सरकार में मंत्री और उनकी पत्नी पर लगाकर गुमराह किया बल्कि अपने दो नाबालिग बेटों के गुम होने को लेकर कोर्ट में याचिका भी दी.

आज उसकी याचिका पर प्रयागराज के सीजेएम कोर्ट में सुनवाई है. पुलिस सीलबंद लिफाफे में दोनों बेटों का पता बता चुकी है, जो आज दोपहर 3 बजे खोला जाएगा. दूसरी तरफ बरेली जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ को एनकाउंटर का डर सता रहा है. उसने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उमेश पाल हत्याकांड में उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाए.

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