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कत्ल के बाद डांस, चाकू के 100 वार… दिल्ली के इस नाबालिग कातिल की बेरहमी ने दहला कर रख दिया

आज से ठीक 6 महीने पहले दिल्ली के शाहबाद डेरी इलाके में एक सिरफिरे कातिल ने 16 साल की नाबालिग लड़की साक्षी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी. उसने साक्षी को न सिर्फ चाकू से गोदा था बल्कि एक भारी पत्थर से कई बार कुचला भी था. कत्ल की वो वारदात एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. वो हैवान लड़की पर वार करता जा रहा था, लोग तमाशा देख रहे थे. अब ठीक दिल्ली के वेलकम इलाके से ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं. ये तस्वीरें भी भयानक और खौफनाक हैं. इन तस्वीरों में एक नाबालिग लड़का एक शख्स का कत्ल करता है. चाकू से कई वार करता है और फिर लाश के पास खड़े होकर नाचता है.

खौफनाक वीडियो
2 मिनट और 8 सेकंड का वो वीडियो दिल्ली के एक रिहायशी इलाके का है. दिल्ली के वेलकम इलाके की मजदूर कॉलोनी का. जहां रात के 10 बजकर 21 मिनट हो रहे हैं. एक लड़का कैमरे की फ्रेम में नजर आता है. वो गली के अंदर से किसी चीज़ को खींचता हुआ दिखाई देता है. पहली नजर में तो लगता है कि शायद कोई भारी सामान है. लेकिन अगले ही पल पता चलता है कि ये कोई भारी सामान या फिर बोरी नहीं, बल्कि एक इंसान है. जिसका चेहरा पूरी तरह से लहूलुहान है. सरसरी तौर देखने से उसके जिस्म में कोई हरकत भी नज़र नहीं आती. लगता है वो मर चुका है.

चाकू से चेहरे पर अनगिनत वार

लेकिन इसके बाद लहूलुहान शख़्स को खींच कर गली में लाने वाला ये लड़का जो कुछ करता है, उसे देख कर रौंगटे खड़े हो जाते हैं. वो झुकता है और इत्मीनान से जमीन पर पड़े उस आदमी के लहूलुहान चेहरे को चाकुओं से गोदने लगता है. एक, दो, तीन, चार, पांच, छह… आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, लेकिन अपने ही जैसे किसी दूसरे इंसान पर यूं बर्बरता से चाकू बरसाते हुए इस लड़के के हाथ नहीं थकते और वो लगातार नीचे पड़े शख्स के चेहरे को जख़्मी करता रहता है.

मंजर देखकर घबराए लोग
इस बीच आस-पास के लोग उसे रोकने की कोशिश करते हैं. लेकिन हमलावर चाकू लेकर उल्टा उन्हीं की ओर लपकता है, जिसे देख कर लोग घबरा कर पीछे हट जाते हैं. हमलावर इसके बाद फिर से लौट कर जमीन पर पड़े शख्स पर चाकू बरसाना शुरू कर देता है. जिस जगह पर ये वारदात हो रही है, उसके ठीक पीछे किसी के घर का एक दरवाज़ा भी है, जहां रहनेवाले लोग शोर-शराबा सुन कर एक बार दरवाज़ा खोलते भी हैं, लेकिन खून खराबे का ये मंजर देख कर अगले ही पल दरवाज़ा बंद कर देते हैं.

संकरी गली में वारदात
चूंकि ये सबकुछ एक बेहद संकरी गली में हो रहा है. कैमरे में आस-पास मौजूद दूसरे लोग तो नजर नहीं आते. लेकिन चाकू मार रहे लड़के के रिएक्शन को देख कर ये साफ होता है कि वहां दूसरे लोग भी मौजूद हैं, जो शोर तो मचा रहे हैं. हमलावर को डराने की कोशिश भी कर रहे हैं. लेकिन लड़के पर इसका ज्यादा कोई असर नहीं होता.

हमले के वक्त भी जिंदा था पीड़ित
सीसीटीवी की तस्वीरें तो खैर विचलित करती ही हैं. इसके आगे जो कुछ दिखता है, वो और भी दर्दनाक है. चूंकि ये तस्वीरें काफी विभत्स हैं, इन्हें हम आपको दिखा नहीं सकते, लेकिन ध्यान से देखने पर ये साफ होता है कि जमीन पर पड़े जिस शख्स पर चाकुओं से वार किया जा रहा है, वो अभी भी जिंदा है. दर्द से तड़प रहा है. एक बार वो अपना सिर उठा खुद को संभालने की कोशिश करता है, लेकिन अगले ही पल उसकी हिम्मत जवाब दे जाती है और उसका चेहरा फिर से जमीन पर गिर जाता है.

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गला काटकर घुमाया चाकू
चाकू मारने का सिलसिला फिर भी नहीं थमता. लेकिन जब वो थक जाता है, जो जमीन पर पड़े शख्स के चेहरे पर लात मारने लगता है. इसके बाद वो फिर से जुट जाता है. इस बार पहले गला काटता है और तब चाकू को गले में डाल कर उसे ट्विस्ट करता है, ताकि गले की सारी नसें कट जाएं और उसके जिंदा रहने की कोई भी उम्मीद ना बचे.

कत्ल के बाद डांस
इन तस्वीरों को देख कर साफ है कि हमला करनेवाला लड़का जमीन पर गिरे शख्स से बेइंतेहा नफ़रत करता है, जिसके चलते उस पर लगातार वार कर रहा है. हर हाल में उसकी मौत सुनिश्चित करना चाहता है. लेकिन अगले ही पल हमलावर लड़का जो कुछ करता है, वो उससे भी ज्यादा अजीब और अप्रत्याशित है. अब वो दोनों हाथ ऊपर उठा कर वहीं खड़े-खड़े नाचने लगता है. जी हां, नाचने यानी डांस करने लगता है.

आखिर तक चाकू चलाता रहा कातिल दरिंदा
किसी का कत्ल करते हुए नाचने के पीछे ये कैसी सनक है? ये कैसा पागलपन? कैसी ज़ेहनियत? इसका जवाब या तो ये लड़का खुद दे सकता है या फिर कोई मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक. वीडियो के आखिरी हिस्से में हमलावर फिर से लड़के को खींच कर और आगे ले जाता हुआ दिखता है. अब पीड़ित शख्स कैमरे के फ्रेम से बाहर जा चुका है, लिहाजा नजर नहीं आ रहा. लेकिन हमला करनेवाला लड़का अब भी उस पर चाकू चलाता हुआ दिखाई देता है. और तब आखिर में हमलावर अपने शिकार आदमी को फिर से खींच कर उसी गली के अंदर ले जाता हुआ दिखता है, जिस गली से खींच कर वो उसे बाहर लाया था.

अजीब है कत्ल की वजह

21 नवंबर की रात दिल्ली में हुई इस वारदात ने लोगों को एक बार फिर से झकझोर कर रख दिया है. बर्बरता के मामले में ये वारदात काफी हद तक 28 मई की शाम को दिल्ली के ही शाहबाद डेयरी इलाके में हुए साक्षी मर्डर केस से काफी हद तक मिलता जुलता है. लेकिन इस वारदात के पीछे की कहानी उससे भी अजीब और हट कर है. आम तौर पर ऐसी विभत्स हत्याओं के पीछे दुश्मनी की कोई ना कोई भयानक कहानी होती है. जिसमें रंजिश में पागल कोई शख्स किसी इंसान को दर्दनाक मौत देने की कोशिश करता है, लेकिन इस कहानी की सबसे अजीब बात ये है कि हमलावर लड़के और पीड़ित शख्स की एक दूसरे से ना तो की जान-पहचान है और ना ही कोई मुलाक़ात.

350 रुपये के लिए भयानक मौत?

कातिल और मक्तूल दोनों जब एक दूसरे को जानते ही नहीं हैं, तो फिर दुश्मनी, नफ़रत और बदले जैसी चीज़ों का तो फिर सवाल ही नहीं उठता. ऐसे में सवाल उठता है कि फिर हमलावर लड़के ने एक अंजान आदमी को इंसानियत की तमाम हदों से आगे निकल कर इतनी दर्दनाक और इतनी भयानक मौत क्यों दी? तो इसका जवाब है सिर्फ साढ़े तीन सौ रुपये.

बेहोश करने के बाद किया मर्डर
पुलिस की मानें तो राजधानी दिल्ली में क़त्ल की ये भयानक वारदात सिर्फ और सिर्फ साढ़े तीन सौ रुपये के चलते हुई. असल में क़ातिल लड़का वारदात का शिकार हुए नौजवान से लूटपाट करना चाहता था. जिसके पास साढ़े तीन सौ रुपये थे. लेकिन लूटपाट की कोशिश करते हुए जैसे ही हमलावर ने पीड़ित लड़के का मुंह दबाया, वो बेहोश हो गया. और बस, रुपये लूटने से पहले वो पीड़ित लड़के पर चाकू बरसाने लगा. फिर तो एक-दो चाकू मारने के बाद भी उसका मन नहीं भरा और इसके आगे वो ना सिर्फ अपने शिकार पर लगातार कई मिनटों तक सौ से ज्यादा बार चाकू बरसाता रहा. बल्कि हत्या करते हुए बीच में रुक-रुक कर नाचता भी रहा और आखिरकार उसकी जेब से वही साढ़े तीन सौ रुपये निकाल कर फरार हो गया.

पुलिस को किसी ने नहीं की कॉल

दिल्ली पुलिस की मानें तो उन्हें इस वारदात की जानकारी रात करीब सवा ग्यारह बजे मिली. खास बात ये रही कि किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल करके इस घटना की जानकारी नहीं दी, बल्कि वारदात के करीब एक घंटे बाद नजदीकी थाने में पहुंच कर किसी ने पुलिस को बताया कि जनता मजदूर कॉलोनी के ईदगाह रोड पर किसी का कत्ल हो गया है. जिसके बाद पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची और जख्मी लड़के को उठा कर अस्पताल ले गई, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी. यानी लोग रात करीब सवा दस बजे ही इस वारदात को होता हुआ देख चुके थे, लेकिन किसी ने चाकू वाले कातिल को रोकने की कोई असरदार कोशिश करना तो दूर, तुरंत फोन कर पुलिस को जानकारी देने तक की जरूरत नहीं समझी और जब तक खबर पुलिस तक पहुंची, तब तक देर हो चुकी थी.

16 साल का कातिल
किसी इंसान की इतनी बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या करने में बड़े से बड़े शैतान के भी हाथ कांप जाएंगे, लेकिन दिल्ली के वेलकम इलाके में महज साढ़े तीन सौ रुपये के लिए एक लड़के ने जिस तरह से दूसरे लड़के की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी, उसे देख कर लोग सिहर उठे हैं. लेकिन कहानी बस इतनी सी नहीं है. आगे की सच्चाई ये है कि हत्या करने वाला लड़का अभी बालिग भी नहीं, बल्कि उसकी उम्र सिर्फ 16 साल की है. यानी महज 16 साल की उम्र में ही उसने जिस विभत्स तरीके से एक शख्स की हत्या कर दी, वैसी तस्वीर देखने को नहीं मिलती.

क्या आसानी से छूट जाएगा कातिल?
अब सवाल ये उठता है कि इस भयानक तरीके से किसी की जान लेने के बाद भी क्या कानून की नजर में इस लड़के को नाबालिग ही माना जाएगा और सुधार गृह में चंद सालों का वक्त गुजारने के बाद वो आसानी से छूट जाएगा? या फिर उसे बालिग मान कर उसके खिलाफ भी मुकदमा चलाया जा सकता है?

दरिंदे को मिले कड़ी सजा
असल में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत ऐसे अपराधियों को बालिग मान कर उसके साथ सख्ती से पेश आने की भी व्यवस्था है. जिससे उन्हें ऐसे संगीन गुनाह के बदले कड़ी सज़ा मिले. बहरहाल, सीसीटीवी में कैद हाल के दिनों के इस सबसे बर्बर और सबसे विभत्स हत्याकांड के बाद अब हर कोई यही चाहता है कि गुनहगार को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए.

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