Sunday , February 25 2024

दाऊद इब्राहिम जिंदा है या मुर्दा? मुंबई पुलिस के सूत्रों का दावा- हमला होने के बाद हॉस्पिटल में हुआ था भर्ती, लेकिन….

Dawood Ibrahim- India TV Hindiमुंबई। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को जहर दिए जाने की तमाम खबरों के बीच मुंबई पुलिस के सूत्रों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। सूत्रों ने बताया कि ग्लोबल आतंकी दाऊद इब्राहिम की तबीयत खराब होने की वजह से उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सूत्रों ने यह भी बताया कि दाऊद इब्राहिम को पिछले हफ्ते अस्पताल में भर्ती कराया गया था और फिर उसे डिस्चार्ज भी कर दिया गया। सूत्रों ने यह भी दावा किया कि दाऊद पर यह एक हमले की तरह था। यानी अभी पुख्ता तौर पर ये नहीं कह सकते कि दाऊद जिंदा है या मुर्दा लेकिन मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, उसे बीते हफ्ते हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया था।

कौन है दाऊद इब्राहिम?

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम एक खूंखार अपराधी और आतंकी है। उसके खिलाफ नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर कई इनाम घोषित हैं। उसका जन्म साल 1955 में महाराष्ट्र के रत्नागिरी में हुआ था और उसका पूरा नाम शेख दाऊद इब्राहिम कासकर है। उसके पिता शेख इब्राहिम अली कासकर मुंबई पुलिस में हवलदार थे।

दाऊद बचपन से ही शाही जिंदगी जीना चाहता था जिसके लिए वह चोरी, डकैती और उसके बाद फिर तस्करी करने लगा था। उसकी हरकतें देखकर पिता ने पहले उसे समझाया लेकिन जब उसने जुर्म का रास्ता नहीं छोड़ा तो पिता ने दाऊद को घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह करीम लाला के गैंग में शामिल हो गया था।

साल 1980 में मुंबई में करीम लाला और हाजी मस्तान के गैंग का राज था, लेकिन दाऊद ने इन दोनों गैंगस्टर्स को पीछे छोड़ दिया और जुर्म की दुनिया में आगे बढ़ गया। दाऊद इब्राहिम को सबसे पहले उसके पिता ने ही गिरफ्तार किया था। यह मामला पुधोनी पुलिस स्टेशन में आज भी दर्ज है। इतना ही नहीं उसके पिता ने बेल्ट से उसकी खूब पिटाई भी की थी।

मुंबई बम धमाके में हाथ!

12 मार्च 1993 को मुंबई में बम धमाके हुए थे जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई और 700 लोग घायल हो गए थे। इन धमाकों के पीछे गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का हाथ बताया गया था। बता दें कि मुंबई में हुए हमले के पहले से ही दाऊद इब्राहिम दुबई में रहने लगा था और वहीं से मुंबई पर राज कर रहा था। कहा जाता है कि मुंबई हमले के बाद दाऊद पाकिस्तान चला गया था और वहीं से अपना नेटवर्क चलाता है।

साहसी पत्रकारिता को सपोर्ट करें,
आई वॉच इंडिया के संचालन में सहयोग करें। देश के बड़े मीडिया नेटवर्क को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर इन्हें ख़ूब फ़ंडिग मिलती है। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें।

About I watch