Wednesday , January 16 2019

ये हैं वो 2 विधायक जो तय करेंगे कौन होगा मध्य प्रदेश का ‘किंग’

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला है. कांग्रेस जहां 114 सीटों के साथ बहुमत के जादूई आंकड़े 116 के सबसे करीब है, वहीं कांग्रेस (Congress) 109 सीटों के साथ बीजेपी भी सरकार बनाने की उम्मीदें पाले हुई है. बुधवार सुबह करीब 10 बजे चुनाव आयोग की ओर से फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा ने सरकार बनाने के लिए प्रयास करने की बात कहकर हलचल पैदा कर दी. इन घटनाक्रम के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) ने एक कांफ्रेंस की और कांग्रेस खेमे को राहत दे गईं. मायावती ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बीएसपी का समर्थन देने का ऐलान कर गईं. मध्य प्रदेश में बीएसपी के दो विधायक हैं और कांग्रेस को बहुमत के आंकड़े के लिए इतने ही विधायकों की जरूरत है. ऐसे में ये तय हो चुका है कि बीएसपी के ये ये दोनों विधायक ही तय करेंगे कि मध्य प्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी. आइए बीएसपी के इन दोनों विधायकों के बारे में जानते हैं.

संजीव सिंह: भिंड सीट से संजीव सिंह बीएसपी के टिकट पर जीते हैं. संजीव सिंह ने बीजेपी के चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को हराया है. संजीव सिंह इस इलाके में लंबे समय से राजनीति कर रहे हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्हें इस सीट पर हार मिली थी. बीजेपी के नरेन्द्र सिंह कुशवाहा ने संजीव सिंह को हराया था.

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रामबाई गोविंद सिंह: बीएसपी के दूसरे विधायक पथरिया सीट से जीती हैं. इस सीट पर कांग्रेस के गजेंद्र सिंह और बीजेपी के लखन पटेल प्रत्याशी थे. रामबाई गोविंद ने इन दोनों को हराया है. पथरिया विधानसभा क्षेत्र में 2013 के चुनाव में बीजेपी के लखन पटेल ने कांग्रेस के कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह हजारी को 7315 वोटों के अंतर से हराया था. रामबाई गोविंद सिंह युवा महिला नेता हैं.

मालूम हो कि साल 2013 में बीएसपी ने मध्य प्रदेश में 4 सीटों पर विजय हासिल की थी. उसे कुल 21 लाख 27 हजार 959 वोट (6.29 प्रतिशत) मिले थे. प्रदेश की 11 अन्य सीटों पर बीएसपी दूसरे स्थान पर रही थी. इस बार बीएसपी महज दो सीटों पर सिमट गई है. साथ ही वोट प्रतिशत भी घटकर करीब पौने पांच प्रतिशत रह गया है. इस बार बीएसपी के भले ही दो ही विधायक जीते हैं, लेकिन ये दोनों इस बार किंगमेकर की भूमिका में हैं. इन दोनों के समर्थन से ही कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा पार कर लेगी.

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